धनबाद में शुक्रवार की शाम अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने से शहर के बड़े हिस्से में करीब पांच घंटे तक बिजली संकट रहा. शाम करीब छह बजे डीवीसी की ओर से शटडाउन लिये जाने के बाद बैंक मोड़, पुराना बाजार, मटकुरिया, मनईटांड़, बरमसिया, नया बाजार, वासेपुर, केंदुआ, करकेंद और झरिया समेत कई इलाकों में अंधेरा छा गया. शाम के व्यस्त समय में बिजली गुल होने से बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि घरेलू कामकाज और आम लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा.
डीवीसी से आपूर्ति बाधित होने के बाद जेबीवीएनएल के कई सब-स्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही. रात करीब 10 बजे डीवीसी से जेबीवीएनएल को दोबारा बिजली मिलनी शुरू हुई. इसके बाद अलग-अलग इलाकों में चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल की गयी और रात करीब 11 बजे तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य हो गयी.
कई सब-स्टेशनों से जुड़े इलाके रहे प्रभावित
अचानक बिजली बंद होने का असर जेबीवीएनएल के पुटकी, गोधर, जोड़ाफाटक और झरिया समेत कई सब-स्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ा. शाम के समय बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कामकाज चल रहा था. ऐसे में बिजली आपूर्ति बंद होने से दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को परेशानी हुई.
घरेलू उपभोक्ताओं को भी लंबे समय तक बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ा. अचानक आपूर्ति बंद होने के कारण शुरुआती दौर में लोगों को यह जानकारी नहीं मिल सकी कि बिजली कब तक वापस आयेगी.
सीटीपीएस में तकनीकी खराबी से घटा उत्पादन
डीवीसी अधिकारियों के अनुसार, चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (सीटीपीएस) में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ. उत्पादन में कमी के चलते उपलब्ध बिजली पर दबाव पड़ा और धनबाद की आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई. इसके बाद डीवीसी की ओर से शटडाउन लिया गया.
अधिकारियों के अनुसार, डीवीसी की टीम तकनीकी खराबी दूर करने में जुटी रही. रात करीब 10 बजे डीवीसी से जेबीवीएनएल को बिजली की आपूर्ति शुरू की गयी. इसके बाद वितरण व्यवस्था को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई.
चरणबद्ध तरीके से बहाल हुई आपूर्ति
डीवीसी से बिजली मिलने के बाद जेबीवीएनएल ने प्रभावित सब-स्टेशनों से जुड़े इलाकों में चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल की. सभी क्षेत्रों में एक साथ बिजली नहीं आयी. अलग-अलग इलाकों में स्थिति के अनुसार आपूर्ति शुरू की गयी.
रात करीब 11 बजे तक अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य हो गयी. हालांकि, करीब पांच घंटे तक चले इस बिजली संकट ने शाम के व्यस्त समय में शहर के कारोबार और जनजीवन को प्रभावित किया. घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया कि उत्पादन इकाई में तकनीकी खराबी के बाद लंबे समय तक आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कितनी प्रभावी है.
