धनबाद. मंडल कारा धनबाद में बंदियों के खाली समय के बेहतर उपयोग और सुधारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नयी पहल की जा रही है. कारा में कौशल विकास से संबंधित सामग्री, पुस्तकालय के लिए किताबें और मनोरंजन से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे. इसका उद्देश्य बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है.
करीब 850 बंदियों की स्वीकृत क्षमता
धनबाद मंडल कारा की स्वीकृत क्षमता करीब 850 बंदियों की है. उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, एक समय में यहां 566 बंदी रह रहे थे. इनमें 547 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल थीं. 547 पुरुष बंदियों में 485 विचाराधीन और 62 सजायाफ्ता थे, जबकि 19 महिला बंदियों में 16 विचाराधीन और तीन सजायाफ्ता थीं.
कारा में बंदियों की संख्या और उपलब्ध क्षमता को देखते हुए सुधारात्मक गतिविधियों के लिए संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है.
कौशल प्रशिक्षण से रोजगार की तैयारी
बंदियों के लिए विभिन्न कौशल विकास गतिविधियों से संबंधित सामग्री उपलब्ध करायी जायेगी. इसके माध्यम से उन्हें ऐसे हुनर सीखने का अवसर मिलेगा, जिनका इस्तेमाल रिहाई के बाद रोजगार या स्वरोजगार के लिए किया जा सके. कौशल प्रशिक्षण को बंदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इससे रिहाई के बाद आजीविका के अवसर बढ़ाने और समाज की मुख्यधारा में लौटने में मदद मिल सकती है.
पुस्तकालय में बढ़ेगी अध्ययन सामग्री
मंडल कारा के पुस्तकालय के लिए नयी किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की भी योजना है. अलग-अलग विषयों से जुड़ी किताबों के माध्यम से बंदियों को पढ़ने और सीखने का अवसर मिलेगा. इससे उनके खाली समय का सकारात्मक उपयोग होने के साथ सामान्य शिक्षा और ज्ञान के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
खेल और मनोरंजन की सुविधा भी
बंदियों के लिए मनोरंजन से जुड़े उपकरण और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के संसाधन भी उपलब्ध कराये जायेंगे. खेल तथा दूसरी गतिविधियों के जरिये उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रखने का प्रयास होगा. नियमित अध्ययन, खेल और मनोरंजन की सुविधाएं कारा के भीतर सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक हो सकती हैं.
नये परिसर के लिए पंडुकी में जमीन चिह्नित
धनबाद मंडल कारा को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना पर लंबे समय से चर्चा होती रही है. नये परिसर के लिए पंडुकी में जमीन चिह्नित किये जाने की जानकारी भी सामने आयी है. हालांकि, स्थानांतरण की प्रक्रिया और नये परिसर के निर्माण को लेकर आगे की स्थिति संबंधित निर्णयों पर निर्भर करेगी.
दूसरे काराओं में भी रोजगारपरक प्रशिक्षण
झारखंड की अन्य मंडल काराओं में भी बंदियों को रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है. हाल में चाईबासा मंडल कारा में 40 बंदियों को फल-सब्जी उत्पादन और जैविक खाद निर्माण का प्रशिक्षण दिये जाने की जानकारी सामने आयी थी.
धनबाद मंडल कारा में प्रस्तावित गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य बंदियों के समय का सकारात्मक उपयोग, शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ाना तथा रिहाई के बाद उनके पुनर्वास की संभावनाओं को मजबूत करना है.
