धोती-साड़ी वितरण में 21.32% लक्ष्य अधूरा, एसआइआर-केवाइसी बनी बाधा

धनबाद में सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत लाभुकों तक वस्त्र पहुंचाने की रफ्तार धीमी है. लगभग 21% से अधिक लोग अभी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं. नगर निगम क्षेत्र में स्थिति सबसे खराब है, जहां सबसे ज्यादा लाभुक लंबित हैं.

धनबाद. जिले में एसआइआर प्रक्रिया के बीच सोना-सोबरन धोती-साड़ी-लुंगी वितरण योजना की रफ्तार धीमी बनी हुई है. शनिवार तक जिले में निर्धारित 4,94,560 लाभुकों में 3,89,127 को ही वस्त्र उपलब्ध कराया जा सका है. यानी लक्ष्य का 78.68 प्रतिशत वितरण हुआ है, जबकि 1,05,433 लाभुक अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं. कुल लक्ष्य का 21.32 प्रतिशत वितरण लंबित है.

योजना के तहत पात्र परिवारों को साल में दो बार 10 रुपये प्रति पीस की अनुदानित दर पर धोती/लुंगी और साड़ी उपलब्ध करायी जाती है. वर्ष 2026 शुरू होने के बाद भी 2025 की पहली छमाही का वितरण जारी है.

नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक लाभुक लंबित

धनबाद नगर निगम क्षेत्र वितरण के मामले में जिले में सबसे पीछे है. यहां 1,90,586 लाभुकों के लक्ष्य के विरुद्ध 1,23,690 लाभुकों को वस्त्र मिला है. उपलब्धि 64.90 प्रतिशत है, जबकि 66,896 लाभुकों को अभी वस्त्र मिलना बाकी है.

जिले में कुल 1,05,433 लंबित लाभुकों में करीब 63.44 प्रतिशत अकेले धनबाद नगर निगम क्षेत्र के हैं. ऐसे में जिले में शत-प्रतिशत वितरण पूरा करने की सबसे बड़ी चुनौती शहरी क्षेत्र में बनी हुई है.

ग्रामीण प्रखंडों में वितरण की स्थिति बेहतर

ग्रामीण प्रखंडों में वस्त्र वितरण की स्थिति नगर निगम क्षेत्र की तुलना में बेहतर है. तोपचांची 92.58 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर जिले में पहले स्थान पर है. यहां 33,674 के लक्ष्य के विरुद्ध 31,175 लाभुकों को वस्त्र दिया गया है.

गोविंदपुर में 91.86 प्रतिशत और टुंडी में 90.55 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ है. पूर्वी टुंडी में 89.27 प्रतिशत, बलियापुर में 87.37 प्रतिशत और निरसा-सह-चिरकुंडा में 86.06 प्रतिशत वितरण हुआ है. बाघमारा-सह-कतरास में 82.31 प्रतिशत और चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में 77.95 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया गया है.

एसआइआर के साथ तकनीकी समस्याएं भी बनी बाधा

वितरण प्रभावित होने की प्रमुख वजह एसआइआर प्रक्रिया में विभागीय कर्मियों की संलग्नता बतायी जा रही है. इसके अलावा ई-पॉश मशीन में तकनीकी समस्या, फिंगरप्रिंट सत्यापन में परेशानी, कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी, राशन कार्ड में आधार लिंक नहीं होना, नाम में सुधार और ई-केवाईसी लंबित रहने जैसी समस्याओं के कारण भी वितरण की गति प्रभावित हो रही है.

धनबाद में SIR के तहत बनती गई वास्तु का विवरण

गरीब परिवारों को रियायती दर पर मिलता है वस्त्र

सोना-सोबरन योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े गरीब परिवारों को रियायती दर पर वस्त्र उपलब्ध कराना है. जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से पात्र लाभुकों को साड़ी, धोती या लुंगी उपलब्ध करायी जाती है.

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By Shobhit ranjan

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