धनबाद, एसएनएमएमसीएच में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों के सामने इन दिनों एक नयी समस्या खड़ी हो गयी है. जिन मरीजों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, उनका अस्पताल में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है. इस कारण बड़ी संख्या में मरीजों को बिना इलाज कराये ही लौटना पड़ रहा है. नयी व्यवस्था से खासकर बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीज ज्यादा परेशान हो रहे हैं.
आभा-इ हॉस्पिटल सेल्फ रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू
दरअसल, अस्पताल में आभा-इ हॉस्पिटल सेल्फ रजिस्ट्रेशन सेवा पूरी तरह लागू कर दी गयी है. इस व्यवस्था के तहत मरीजों को अपने एंड्रॉयड मोबाइल से आभा का बारकोड स्कैन कर खुद से ओपीडी पर्ची के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है. इसी नंबर को अस्पताल के काउंटर पर दिखाने के बाद मरीज की चिकित्सीय पर्ची जारी की जाती है. लेकिन इस प्रक्रिया में आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है. जिन मरीजों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे मरीजों का ओपीडी पर्ची भी नहीं बन रही है.
बुजुर्ग मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
शुक्रवार को केंदुआ बाजार की 64 वर्षीय सावित्री देवी एआरवी वैक्सीन लेने के लिए अस्पताल पहुंची थीं. लेकिन उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं होने की वजह से उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका. काफी प्रयास के बाद भी जब पर्ची नहीं बन पायी तो उन्हें बिना वैक्सीन लिए ही लौटना पड़ा. बता दें कि एसएनएमएमसीएच के ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. इनमें कई ऐसे मरीज भी होते हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता या उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं रहता.मरीजों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कैसे पूरी की जाए.
मरीजों ने व्यवस्था में सुधार की मांग की
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू करना अच्छी पहल है, लेकिन इसके साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए. खासकर बुजुर्ग, गरीब और तकनीक से अनजान मरीजों के लिए काउंटर पर सीधे रजिस्ट्रेशन की सुविधा जारी रहनी चाहिए.
