Dhanbad News: धनबाद में जलापूर्ति योजनाओं की लचर स्थिति, श्री राम इपीसी को काली सूची में डालने की तैयारी

Dhanbad News: करोड़ों खर्च के बावजूद एक भी योजना से नहीं मिल रहा पानी, जांच के लिए छह सदस्यीय जांच टीम गठित.

धनबाद, धनबाद जिले में जलापूर्ति योजनाओं की बदहाल स्थिति को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. कार्य में रुचि नहीं दिखाने वाली एजेंसी श्री राम इपीसी, चेन्नई को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इस संबंध में विभागीय मुख्यालय में संचिका लंबित है. अभियंता प्रमुख के निर्देश पर मुख्य अभियंता (सीडीओ) की अध्यक्षता में छह सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है. जिसे पखवारे भर में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. जांच दल को झारखंड भर में एजेंसी द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करनी है.

एजेंसी को आवंटित है पांच जलापूर्ति योजनाएं, एक भी पूरी नहीं

धनबाद जिले में श्री राम इपीसी को पांच जलापूर्ति योजनाओं का जिम्मा दिया गया था. जिनमें से एक भी योजना से अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. टुंडी क्षेत्र की कोलहर-जाताखूंटी ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना 50.76 करोड़ की लागत से वर्ष 2016 में शुरू हुई थी. जिसे 2018 तक पूरा करना था. इस योजना के तहत कई गांवों में आठ जलमीनार बनाये गये, लेकिन आज तक एक भी जलमीनार से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. इसी तरह मोहलीडीह-रूपन ग्रामीण जलापूर्ति योजना (32 करोड़) में भी जलमीनार तो बन गए, पर जलापूर्ति शुरू नहीं हुई. हैरानी की बात यह है कि दोनों योजनाओं में पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया और माप पुस्तिका (एमबी) में कार्य पूर्ण दर्शाया गया है. बलियापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना फेज-एक की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है. 68 लाख की लागत से बनी इस योजना में भी जलमीनार तैयार हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति बंद है. निर्धारित समय सीमा और अवधि विस्तार दोनों समाप्त हो चुके हैं.

स्मारपत्र देने के बावजूद ठोस पहल नहीं, इइ ने की कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की अनुशंसा

विभागीय अधिकारियों द्वारा बार-बार स्मारपत्र देने के बावजूद एजेंसी की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई. कार्यपालक अभियंता ने एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा भी कर दी है.

एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार राही ने एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी लापरवाही से ‘हर घर नल से जल’ योजना प्रभावित हुई है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और जरूरत पड़ने पर जनहित याचिका दायर करने की बात कही है.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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