धनबाद, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में हिमोफिलिया से पीड़ित मरीजों को लगभग एक साल से फैक्टर-9 इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इस गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन अस्पताल पहुंचे और अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जतायी. मरीजों व उनके परिजनों का कहना है कि जब भी अस्पताल आते हैं, बताया जाता है कि लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. इस कारण अस्पताल में फैक्टर-9 इंजेक्शन का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है. वहीं फैक्टर-8 इंजेक्शन का भी केवल थोड़ा बहुत स्टॉक बचा हुआ है. जो जल्द खत्म होने की कगार पर है. ऐसे में मरीजों को इलाज में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
150 से अधिक मरीज नियमित इलाज के लिए अस्पताल पर निर्भर
एसएनएमएमसीएच में लगभग 150 से अधिक हिमोफिलिया मरीज नियमित रूप से इलाज के लिए आते हैं. यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर में खून का थक्का जमने की प्रक्रिया प्रभावित होती है. चोट लगने या अंदरूनी रक्तस्राव होने पर मरीज को तुरंत फैक्टर-8 या फैक्टर-9 इंजेक्शन देना आवश्यक होता है. इंजेक्शन नहीं मिलने की स्थिति में मरीजों की जान को भी खतरा हो सकता है. मरीजों ने बताया कि इन इंजेक्शनों की कीमत काफी अधिक होती है, जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बाजार से खरीदना संभव नहीं है. कई मरीज ऐसे हैं, जो पूरी तरह सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर निर्भर हैं. उनका कहना है कि यदि समय पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया, तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है.
टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द होगी दवा की व्यवस्था
इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया ने मरीजों को आश्वासन दिया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. कहा कि दवा की खरीद की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही फैक्टर-8 और फैक्टर-9 इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी, ताकि हिमोफिलिया मरीजों को इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
