धनबाद, जिले के निजी विद्यालयों में अप्रैल माह से नये सत्र 2026-27 की पढ़ाई शुरू हो जायेगी. लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक आरटीइ के तहत होने वाले बीपीएल कोटा के नामांकन की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की गयी है. इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर दिखेगा. पढ़ाई शुरू होने के बाद निजी विद्यालय पढ़ाये गये सिलेबस को फिर से नहीं पढ़ायेंगे.
25 प्रतिशत सीटों पर होना है नामांकन
जिले के निजी विद्यालय के 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीइ के तहत बीपीएल कोटा से नामांकन लिया जाता है. इस साल आठ निजी विद्यालयों को आरटीइ की मान्यता मिली है. इन्हें भी लिस्ट में शामिल किया गया है. ऐसे में निजी विद्यालयों की संख्या 76 से बढ़कर 84 हो गयी है. लेकिन सीटों की संख्या कम हुई है. करीब 1480 सीट है.
हो रहा विलंब
2025 में नामांकन के लिए मार्च माह से जिला शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी थी. आवेदन लेने के बाद इसकी जांच में दो से तीन माह का समय लग गया. इससे नामांकन में विलंब हो गयी है. सितंबर माह में चयन सूची जारी हुई थी. लेकिन 2026 में मार्च माह भी बीत गया है. अभी तक नामांकन की प्रक्रिया नहीं हुई है. कई विद्यालयों द्वारा नामांकन नहीं लिया गया है, विभाग की ओर से उन्हें स्पष्टीकरण जारी किया गया है.
सीटें खाली रहने पर स्कूल की जवाबदेही होगी तय
जिला शिक्षा विभाग की ओर से नये सत्र में नामांकन के लिए आवेदन लेने की तैयारी चल रही है. जिला शिक्षा अधीक्षक सह आरटीइ के नोडल पदाधिकारी आयुष कुमार ने बताया कि निजी विद्यालयों की जिम्मेवारी होगी कि वे अपने क्षेत्र में लोगों के बीच प्रचार-प्रसार करे. साथ ही स्कूलों में आरटीइ के तहत नामांकन की जानकारी बोर्ड भी लगाना है. अप्रैल माह के पहले सप्ताह के आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी.
