धनबाद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने गुरुवार को कोयलानगर स्थित बीसीसीएल सामुदायिक भवन में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में आज भी कई कुरीतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है. उन्होंने कहा कि संघ 100 वर्षों से हिंदू समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा है और अब समाज में बदलाव भी दिखने लगा है, लेकिन इसे और गति देने के लिए हर व्यक्ति को सक्रिय भूमिका निभानी होगी.
केवल सत्ता परिवर्तन से नहीं होगा समाज का सुधार
प्रश्नोत्तर सत्र में श्री आंबेकर ने कहा कि केवल राजनीतिक सत्ता बदलने से समाज का परिवर्तन संभव नहीं है. यदि ऐसा होता तो संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार राजनीतिक दल ही बनाते. उन्होंने कहा कि आज समाज में कई ‘रावण’ हैं, जिन्हें ‘राम’ बनाने का कार्य संघ कर रहा है, लेकिन इसमें समाज की सहभागिता भी अनिवार्य है.समाज में बढ़ी जागरूकता, बदली सोच
उन्होंने कहा कि समय के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव आया है. जो लोग पहले ‘जय श्रीराम’ कहने से हिचकते थे, वे आज गर्व से इसे बोल रहे हैं. राम मंदिर का विरोध करने वाले भी आज अयोध्या जा रहे हैं. युवाओं में भी बदलाव दिख रहा है. आज का युवा भजन मंडली चला रहा है, देशभक्ति फिल्मों को पसंद कर रहा है और राष्ट्र के प्रति गर्व व्यक्त कर रहा है.पंच परिवर्तन को अपनाने का आह्वान
श्री आंबेकर ने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ पर जोर देते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और कुटुंब प्रबोधन को जीवन में अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समय बिताना और बच्चों को भारतीय इतिहास व संस्कारों से जोड़ना जरूरी है. साथ ही उन्होंने कहा कि झारखंड में अब अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य के लिए आंदोलन खड़ा होना चाहिए.सज्जन शक्ति को संगठित करना ही लक्ष्य
उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य सज्जन शक्तियों को एकत्रित कर समाज को सही दिशा देना है. जबकि दुर्जन शक्तियां स्वतः संगठित हो जाती हैं और देश को तोड़ने का कार्य करती हैं. संघ हमेशा आतंकवाद, अलगाववाद, माओवाद और अन्य विघटनकारी ताकतों के खिलाफ खड़ा रहा है. कार्यक्रम में प्रो एके मिश्रा, प्रो धीरज कुमार, संजय कुमार, केशव हदौड़िया, नित्यानंद पांडेय, पंकज सिंह, राकेश सुमन, समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. वंदे मातरम गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
