जिस दरवाजे पर धनबाद की विकास की फाइलें पहुंचती थीं, अब शहर की यादों में रह गये मंत्री सुदिव्य सोनू

झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से धनबाद में शोक की लहर है. उनके कार्यकाल में धनबाद की कई विकास योजनाओं की फाइलें अटकी थीं, जो अब अनिश्चित भविष्य का सामना कर रही हैं. सड़क, आवास और शहरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे अब किसे सौंपे जाएंगे?

झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से धनबाद में भी शोक की लहर है. नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभालने के दौरान धनबाद से जुड़ी शहर की कई समस्याएं और विकास योजनाओं की फाइलें उनके सामने पहुंचती रहीं. कभी वर्षों से अटकी सड़क योजनाओं का मामला लेकर जनप्रतिनिधि रांची पहुंचे, तो कभी मंत्री खुद धनबाद आकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को घर की चाबी सौंपते नजर आये. शहर की सड़क, रोशनी और शहरी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर धनबाद की उम्मीदें भी उनसे जुड़ी रहीं.

छह वर्षों से अटकी 38 सड़क योजनाओं का मामला पहुंचा था मंत्री तक

अगस्त 2025 में धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात कर शहर की 38 सड़क योजनाओं का मामला उठाया था. विधायक के अनुसार, करीब छह वर्षों से लंबित इन योजनाओं में एसीबी जांच के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था. उन्होंने इन योजनाओं को जल्द शुरू कराने की मांग मंत्री के समक्ष रखी थी.

सड़क योजनाओं के साथ शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी मुलाकात में उठाया गया था. नगर निगम क्षेत्र में 1100 से अधिक खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग की गयी थी. इससे स्पष्ट है कि धनबाद के लिए नगर विकास विभाग से जुड़े मुद्दों में सड़क और प्रकाश व्यवस्था प्रमुख विषय रहे.

बारामुड़ी में 320 परिवारों को सौंपी थी घर की चाबी

धनबाद से सुदिव्य सोनू के जुड़ाव का एक अहम पक्ष शहरी गरीबों के लिए आवास योजना भी रहा. जुलाई 2025 में उन्होंने बारामुड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार 320 आवासों का उद्घाटन किया था. इस दौरान लाभुकों को अपने हाथों से आवास की चाबी सौंपी थी.

आवास योजना के उद्घाटन समारोह की तस्वीर

लंबे इंतजार के बाद पक्का घर मिलने की खुशी लाभुकों के चेहरों पर दिखी थी. कार्यक्रम के दौरान शहरी गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने और विकास योजनाओं को गति देने पर जोर दिया गया था. इस पहल के कारण भी धनबाद के लाभुकों के बीच उनका जुड़ाव बना.

सड़क-रोशनी के साथ पेयजल और सीवरेज भी चुनौती

धनबाद जैसे औद्योगिक शहर में शहरी विकास से जुड़े सवाल केवल सड़क और स्ट्रीट लाइट तक सीमित नहीं हैं. पेयजल, सीवरेज, स्वच्छता और बेहतर शहरी आधारभूत संरचना की जरूरत भी लगातार बनी हुई है. नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभालने के कारण इन विषयों से संबंधित मांगें और शिकायतें मंत्री तक पहुंचती रही थीं.

जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की उम्मीद थी कि विभागीय स्तर पर लंबित योजनाओं को गति मिले और शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो. ऐसे में सुदिव्य सोनू के असामयिक निधन के बाद उन योजनाओं और प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब सरकार और संबंधित विभाग पर होगी.

कुछ काम आगे बढ़े, कई सवाल अब भी बाकी

धनबाद के लिए सुदिव्य कुमार सोनू की याद केवल एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि उन बैठकों और मुलाकातों के रूप में भी रहेगी, जहां शहर की समस्याओं की फाइलें उनके सामने रखी गयी थीं. 38 सड़क योजनाओं और खराब स्ट्रीट लाइटों से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना तक, उनके कार्यकाल में धनबाद से जुड़े कई मुद्दे विभागीय स्तर पर उठे.

उनके निधन के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इन लंबित योजनाओं और शहरी सुविधाओं से जुड़े सवालों को आगे बढ़ाने की है. मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया, लेकिन धनबाद की सड़क, रोशनी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल अब भी शहर के सामने हैं.

धनबाद और सुदिव्य सोनू का जुड़ाव

  • बारामुड़ी में 320 पीएम आवासों का उद्घाटन.
  • लाभुकों को अपने हाथों से आवास की चाबी सौंपी.
  • एसीबी जांच में अटकी 38 सड़क योजनाओं का मामला मंत्री के समक्ष पहुंचा.
  • 1100 से अधिक खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग.
  • सड़क, पेयजल, सीवरेज और शहरी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे.

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By Sudhir Sinha

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