धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट
Dhanbad News: झारखंड की कोयलानगरी धनबाद में कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है. धनबाद अंचलाधिकारी (सीओ) रामप्रवेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. इस घटनाक्रम के बाद जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर केस दर्ज करने का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हाल ही में कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना था, लेकिन प्रशासन की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज करा दिया गया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना जनता और राजनीतिक दलों का अधिकार है. ऐसे में शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए मुकदमा दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
सीओ पर भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप
जिलाध्यक्ष ने धनबाद के अंचलाधिकारी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी की कार्यशैली के कारण राज्य सरकार की छवि खराब हो रही है. कांग्रेस नेताओं के अनुसार, जनता की समस्याओं को उठाने वाले कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का प्रयास कर रहे हैं.
पहले भी लग चुके हैं दुर्व्यवहार के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है, जब अंचलाधिकारी के खिलाफ शिकायत सामने आयी हो. इससे पहले भी उन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लग चुका है. नेताओं का कहना है कि एक पूर्व मामले में जातिसूचक शब्द कहने का भी आरोप लगाया गया था, जिसकी शिकायत थाना में दर्ज कराई गई थी. लगातार सामने आ रहे आरोपों से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों में विश्वास करती है, लेकिन किसी भी अधिकारी की तानाशाही और मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़क से लेकर बड़े आंदोलन तक का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी. पार्टी कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर लगातार विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं.
जिले का राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस पूरे मामले के बाद धनबाद में राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं में प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी देखी जा रही है. कई कार्यकर्ताओं ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है. वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि राजनीतिक हलकों में इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मामले का जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है. फिलहाल धनबाद में कांग्रेस और प्रशासन के बीच बढ़ी तनातनी चर्चा का विषय बनी हुई है.
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