चिरकुंडा से अरिंदम चक्रवर्ती की रिपोर्ट
Dhanbad News: धनबाद जिले के चिरकुंडा स्थित आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत गलफरबाड़ी रेलवे फाटक के पास बुधवार रात बड़ा रेल व्यवधान देखने को मिला. रेलवे ट्रैक पर पोकलेन मशीन से लदा ट्रेलर फंस जाने के कारण हावड़ा-धनबाद कोलफील्ड एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक कुमारधुबी स्टेशन पर खड़ी रही. इस घटना के कारण कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ और यात्री परेशान होते रहे.
ट्रैक और ट्रैक्शन के बीच फंस गया ट्रेलर
जानकारी के अनुसार, एक ट्रेलर पर पोकलेन मशीन लादकर ग्रामीण क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि तालाब खुदाई कार्य के लिए मशीन को ले जाया जा रहा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक चालक को सही रूट की जानकारी नहीं थी. इसी दौरान गलफरबाड़ी रेलवे फाटक पार करते समय ट्रेलर रेलवे ट्रैक और ट्रैक्शन तार के बीच फंस गया. अचानक ट्रेलर के फंसने से रेल परिचालन बाधित हो गया.
दो घंटे तक कुमारधुबी स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन
हावड़ा-धनबाद कोलफील्ड एक्सप्रेस सामान्य रूप से रात करीब 9 बजे कुमारधुबी स्टेशन से धनबाद के लिए रवाना होती है. लेकिन ट्रैक बाधित होने के कारण ट्रेन को स्टेशन पर ही रोकना पड़ा. करीब दो घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में ट्रैक खाली होने के बाद ट्रेन धनबाद के लिए रवाना हो सकी.
आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान और इंस्पेक्टर हवा सिंह जाखड़ मौके पर पहुंचे. रेलवे अधिकारियों और जवानों ने काफी मशक्कत के बाद ट्रेलर को ट्रैक से हटाया. स्थिति को नियंत्रित करने के बाद रेलवे लाइन पर परिचालन बहाल किया गया. आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए पोकलेन लदे ट्रेलर को जब्त कर लिया है.
कई ट्रेनों का परिचालन हुआ प्रभावित
रेलवे ट्रैक पर ट्रेलर फंसे रहने के कारण केवल कोलफील्ड एक्सप्रेस ही नहीं, बल्कि अन्य कई ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई. कई ट्रेनें अपने गंतव्य तक देर से पहुंचीं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से रेल सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ता है. मामले की जांच की जा रही है और संबंधित वाहन चालक तथा मालिक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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स्थानीय लोगों में भी बनी रही चर्चा
घटना के बाद आसपास के इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही. ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के लिए सुरक्षित मार्ग की जानकारी नहीं होने के कारण अक्सर इस तरह की घटनाएं होने का खतरा बना रहता है. फिलहाल आरपीएफ ने ट्रेलर को सीज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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