कोयला उत्पादन और बिक्री तक सीमित रहने के बजाय कोल इंडिया अब अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहा है. कंपनी ने रेल अवसंरचना, महत्वपूर्ण खनिज, तांबा, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित अमोनिया और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में कदम बढ़ाए हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न सरकारी संस्थानों और कंपनियों के साथ हुए समझौतों के माध्यम से कोल इंडिया भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
1600 मेगावाट ताप बिजली परियोजना पर काम
कोल इंडिया ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के साथ मिलकर झारखंड के चंद्रपुरा में 1600 मेगावाट क्षमता वाले ताप बिजली संयंत्र के विकास की योजना बनाई है. इसके लिए 27 मार्च 2026 को डीवीसी-सीआईएल पावर प्राइवेट लिमिटेड नामक संयुक्त उद्यम का गठन किया गया. 50-50 हिस्सेदारी वाली इस कंपनी के तहत 800-800 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित की जाएंगी.
रेल ढांचे के विकास पर विशेष फोकस
- कोयला उत्पादन बढ़ने के साथ उसकी तेज और सुगम ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया रेल अवसंरचना पर विशेष ध्यान दे रही है.
- 8 अक्तूबर 2025 को आईआरसीओएन इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ समझौता कर रेल नेटवर्क के विकास की दिशा में पहल की गई.
- 5 जून 2025 को इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईपीआरसीएल) के साथ साझेदारी की गई.
- 18 अगस्त 2025 को कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ समझौता कर माल परिवहन और रेल संपर्क को मजबूत करने की योजना बनाई गई.
- इन परियोजनाओं से कोयले की निकासी और परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है.
तांबा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में प्रवेश
- कोल इंडिया अब महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है.
- 30 जून 2025 को हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ समझौता कर तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की पूरी वैल्यू चेन में सहयोग का निर्णय लिया गया.
- 23 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश राज्य खनन निगम के साथ महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और विकास के लिए साझेदारी हुई.
- छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के साथ भी रणनीतिक खनिजों की खोज एवं विकास को लेकर समझौता किया गया है.
4.5 गीगावाट हरित ऊर्जा से बनेगा हरित अमोनिया
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भी कोल इंडिया बड़े निवेश की तैयारी कर रही है. कंपनी ने 7 मई 2025 को एएम ग्रीन इंडिया के साथ समझौता किया. इसके तहत कोल इंडिया के प्रस्तावित 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो से बिजली की आपूर्ति एएम ग्रीन की कांडला स्थित हरित अमोनिया परियोजना और भविष्य की अन्य परियोजनाओं को की जाएगी.
इस पहल से हरित अमोनिया और हरित हाइड्रोजन जैसे भविष्य के ऊर्जा स्रोतों के विकास को गति मिलेगी.
रणनीतिक साझेदारियों से बदलेगी कंपनी की तस्वीर
कोल इंडिया ने आइआरसीओएन इंटरनेशनल, हिंदुस्तान कॉपर, आईपीआरसीएल, कोंकण रेलवे, एएम ग्रीन इंडिया, मध्यप्रदेश राज्य खनन निगम, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और डीवीसी जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी कर अपने कारोबार को बहुआयामी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. कंपनी का उद्देश्य पारंपरिक कोयला कारोबार के साथ भविष्य की ऊर्जा और खनिज जरूरतों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है.
