निरसा. निरसा में एनएच-19 पर प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर तकनीकी जांच शुरू हो गयी है. इसी क्रम में सीएसआईआर-सीएमईआरआई के वैज्ञानिकों की टीम गुरुवार को निरसा के हाथबाड़ी पहुंची और प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया.
टीम यह आकलन कर रही है कि प्रस्तावित फ्लाईओवर के नीचे भूमिगत कोयला खनन किस स्तर तक हुआ है और जमीन व भूगर्भीय स्थिति निर्माण के लिहाज से कितनी सुरक्षित है. पाइल फाउंडेशन वाले स्थानों की स्थिति, पुराने खनन क्षेत्र और संभावित भू-धंसान के जोखिम की भी तकनीकी जांच की जा रही है.
पाइल फाउंडेशन की स्थिरता पर विशेष नजर
एनएच-19 के जिस क्षेत्र में फ्लाईओवर प्रस्तावित है, वहां पहले कोयला खनन गतिविधियां होने की जानकारी है. ऐसे में फ्लाईओवर के पाइल फाउंडेशन की स्थिरता को लेकर तकनीकी जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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एनएच की ओर से भी परियोजना में पाइल फाउंडेशन की स्थिरता की जांच कराये जाने की जानकारी सामने आयी है. वैज्ञानिकों की टीम प्रस्तावित फ्लाईओवर के पूरे निर्माण क्षेत्र का तकनीकी आकलन करेगी, ताकि निर्माण से पहले जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके.
जांच रिपोर्ट के बाद आगे की प्रक्रिया
सीएमईआरआई की जांच रिपोर्ट आने के बाद फ्लाईओवर के निर्माण की सुरक्षा और तकनीकी व्यवहार्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है. सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर आगे तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जायेगी.
निरसा नागरिक समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, जांच प्रस्तावित फ्लाईओवर के पूरे क्षेत्र में की जानी है. समिति के लोगों ने स्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे निरीक्षण की जानकारी ली. समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण को लेकर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी. स्थानीय स्तर पर जांच के नतीजे पर लोगों की नजर है.
निरसा नागरिक समिति ने भी किया स्थल निरीक्षण
जांच की जानकारी मिलने के बाद निरसा नागरिक समिति के पदाधिकारी भी प्रस्तावित फ्लाईओवर स्थल पर पहुंचे. समिति के अध्यक्ष हाजी अफरोज अहमद, सचिव सुखेंदु दत्ता, सदस्य सुशील अग्रवाल, मोहन अग्रवाल और हालिम समेत अन्य प्रबुद्ध लोगों ने स्थल का निरीक्षण किया.
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समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान सड़क के नीचे पुराने खनन क्षेत्र होने की संभावना को देखते हुए जमीन की स्थिति की जांच जरूरी है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित क्षेत्र फ्लाईओवर निर्माण के लिए कितना सुरक्षित है.
छह सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण
स्थल निरीक्षण करने वाली वैज्ञानिकों की टीम में डॉ. अभय कुमार भारती, अनिकेत वर्मा, जगदीपा उरांव, सिमांता सिन्हा, कुमार सौरव और पृथुल उरांव शामिल थे. टीम ने प्रस्तावित निर्माण क्षेत्र में जमीन और पाइल फाउंडेशन से जुड़े बिंदुओं का तकनीकी निरीक्षण किया.
