छाताबाद में हुए भू-धंसान के बाद क्षेत्र में लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस के महासचिव शमशेर आलम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना के लिए बीसीसीएल, आउटसोर्सिंग कंपनियों, कोयला चोर माफियाओं और उनके कथित गठजोड़ को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि वर्षों से अवैध खनन और लापरवाही के कारण कोयलांचल के गरीब परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
भू-धंसान से बेघर हुए लोग, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो
शमशेर आलम ने कहा कि छाताबाद में हुई भू-धंसान की घटना ने बड़ी आबादी को प्रभावित किया है. कई परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला माफिया और उनके संरक्षण में चल रही गतिविधियों के कारण गरीबों की बस्तियां उजड़ती रही हैं, जबकि कुछ लोग उनके नाम पर राजनीति कर अपनी स्थिति मजबूत करते रहे हैं.
अधिकारों के लिए खुद आगे आने की जरूरत
कांग्रेस नेता ने कहा कि छाताबाद के लोगों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए संगठित होकर आवाज उठानी होगी. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब तक प्रभावित लोग स्वयं अपने हक के लिए संघर्ष नहीं करते, तब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकलता. उन्होंने लोगों से एकजुट होकर अपने पुनर्वास और सुरक्षा की मांग करने की अपील की.
पीड़ित परिवारों को मिले मुआवजा और पुनर्वास
शमशेर आलम ने बीसीसीएल और झारखंड सरकार से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को केवल आश्वासन देने के बजाय प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए.
इलाज के बावजूद आंदोलन को समर्थन
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वह फिलहाल क्षेत्र में उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन छाताबाद के लोगों की समस्याओं और अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों की आवाज को मजबूती से उठाने और उनके हितों की रक्षा के लिए उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा.
