धनबाद: भटिंडा फॉल में सुरक्षा का नया प्लान, खतरनाक चट्टानों से लेकर पार्किंग तक बदल जाएगी सूरत

धनबाद के भटिंडा फॉल को पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की योजना शुरू हो गई है. खतरनाक चट्टानों पर फेंसिंग, नई पार्किंग, सोलर लाइट और बेहतर शौचालय की सुविधा मिलेगी. इस योजना से पर्यटनों का अनुभव और बेहतर होगा.

धनबाद. जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल भटिंडा फॉल को पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि फॉल की खतरनाक चट्टानों के आसपास भारी लोहे की सिकड़ी और फेंसिंग करायी जायेगी. ऊपरी हिस्से में भी घेराबंदी की जायेगी, ताकि पर्यटक जोखिम वाले स्थानों तक नहीं पहुंच सकें. इसके अलावा फॉल तक पहुंचने वाली सड़क को मजबूत करने, वैकल्पिक मार्ग तलाशने, कार पार्किंग और शेड बनाने, सोलर लाइट लगाने तथा शौचालय परिसर के जीर्णोद्धार की योजना है.

धनबाद रेलवे स्टेशन से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित भटिंडा फॉल जिले के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल है. यहां पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर खतरनाक चट्टानों और जलकुंड के आसपास विशेष इंतजाम करने पर जोर दिया जा रहा है.

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10 स्थानीय युवाओं को दिया गया लाइफ सेविंग प्रशिक्षण

पर्यटकों की सुरक्षा के लिए भटिंडा क्षेत्र के 10 स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, मोराबादी में 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है. इन युवाओं को लाइफ सेविंग तकनीक और पावरबोट हैंडलिंग का प्रशिक्षण दिया गया. सुरक्षित बोटिंग संचालन के लिए लाइसेंस भी जारी किये गये हैं.

फॉल के खतरनाक क्षेत्रों, चट्टानों और जलकुंडों के पास दिशा-निर्देश और आपातकालीन संपर्क से संबंधित बोर्ड लगाने की व्यवस्था की गयी है. इसका उद्देश्य किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है.

तोपचांची से टुंडी तक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार

उपायुक्त के अनुसार तोपचांची झील में पेवर ब्लॉक लगाने, ट्री-चबूतरा और सिटिंग चेयर की मरम्मत तथा हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना है. वहीं वन काली मंदिर गोविंदपुर, दुखहरणी मंदिर झरिया, कतरास लिलोरी मंदिर, दलदली आश्रम कलियासोल, बिरसा मुंडा पार्क धनबाद, बूढ़ा बाबा शिव मंदिर बाघमारा, गंगापुर लिलोरी मंदिर, चासनाला कल्याणेश्वरी मंदिर और भागुडीह डैम टुंडी में यात्री शेड, पेयजल प्लेटफॉर्म, सोलर हाईमास्ट और पहुंच पथ जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है.

तोपचांची झील

इन योजनाओं का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर केवल सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि पहुंच पथ, प्रकाश, पेयजल, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना भी है.

15 नये स्थलों को डी-श्रेणी में शामिल करने की अनुशंसा

जिले के 15 गैर-अधिसूचित स्थलों को डी-श्रेणी के पर्यटन स्थल के रूप में शामिल करने की अनुशंसा की गयी है. इनमें खंडेश्वरी मंदिर, वामनगोड़ा जलप्रपात, बारबिंदिया बराकर नदी तट, बाबा कपिलेश्वर धाम/पंच पांडेश्वर मंदिर, श्री साईं मंदिर, बाबा बटेश्वर मंदिर, शिव मंदिर व झील बेहंचिया, डोमगढ़ घाट-रिवरफ्रंट, ग्राम थान, मड़ईथान, मां रतौड़ी थान, 108 महादाना ग्राम देवता, बूढ़ा बाबा मंदिर, जियारी थान और खेलाई चंडी पूजा स्थल शामिल हैं.

ये स्थल प्राकृतिक, धार्मिक और स्थानीय सांस्कृतिक महत्व से जुड़े हैं. हालांकि, इन स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में सरकारी सूची में अंतिम रूप से शामिल करने के लिए अंतिम अधिसूचना जरूरी होगी.

पहले चार अधिसूचित स्थलों की थी सूची

उपलब्ध पूर्व रिकॉर्ड के अनुसार धनबाद में पहले चार पर्यटन स्थल सरकारी तौर पर अधिसूचित थे. इनमें मैथन डैम, तोपचांची झील, पंचेत डैम और भटिंडा फॉल शामिल थे. वर्ष 2025 में जिला प्रशासन की ओर से 21 गैर-अधिसूचित स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने का प्रस्ताव भेजा गया था. इसमें 20 स्थलों को डी-श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव था.

उपलब्ध जानकारी के अनुसार मैथन डैम को ए-श्रेणी, तोपचांची झील और पंचेत डैम को बी-श्रेणी तथा भटिंडा फॉल को सी-श्रेणी में रखा गया था. वहीं अन्य 20 प्रस्तावित स्थलों को डी-श्रेणी में शामिल किया गया था. नये प्रस्तावों और अनुशंसाओं को अंतिम अधिसूचना मिलने के बाद ही सरकारी सूची में अंतिम माना जायेगा.

मैथन के लिए अलग अथॉरिटी का प्रस्ताव

उपायुक्त ने बताया कि मैथन डैम के समेकित और योजनाबद्ध विकास के लिए मैथन टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी गठित करने का प्रस्ताव है. दिसंबर और जनवरी में मैथन डैम क्षेत्र में मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने, बाबा बटेश्वर मंदिर में ईको-टूरिज्म और जियारी थान में प्रकृति पथ विकसित करने की योजना भी है.

मैथन डैम

इसके अलावा प्रमुख सड़क मार्गों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वार पर झारखंड पर्यटन विभाग के मानकों के अनुरूप साइनेज और होर्डिंग लगाने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ नये स्थलों को पर्यटन के दायरे में लाने से धनबाद में पर्यटन का विस्तार हो सकता है.

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By Shobhit ranjan

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