भू-धंसान प्रभावित छाताबाद में बुधवार को न्यू आकाशकिनारी कोलियरी प्रबंधन की सर्वे टीम ने एक बार फिर सर्वेक्षण शुरू किया. टीम ने छाताबाद मैदान से मस्जिद तक के इलाके का जायजा लिया और प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण किया. लंबे समय से भू-धंसान की समस्या झेल रहे लोगों के बीच दोबारा सर्वे शुरू होने से पुनर्वास और मुआवजे को लेकर उम्मीद जगी है. हालांकि, लगातार भू-धंसान की घटनाओं के कारण कई परिवारों में अपने घर और भविष्य की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बनी हुई है.
सर्वे के दौरान टीम ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति को देखा. प्रभावित लोगों को उम्मीद है कि सर्वेक्षण के बाद भू-धंसान से प्रभावित परिवारों की स्थिति का आकलन स्पष्ट होगा और पुनर्वास तथा मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी. फिलहाल सर्वे के आधार पर किसी परिवार को मुआवजा या पुनर्वास मिलने की अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है.
खुशबू मोहल्ले में गुरुवार को सर्वे की सूचना
पार्षद मो. शहाबुद्दीन ने बताया कि कोलियरी प्रबंधन की ओर से गुरुवार को छाताबाद के खुशबू मोहल्ले में भी सर्वे किए जाने की सूचना दी गयी है. उन्होंने बताया कि बीसीसीएल की सर्वे टीम के बाद आईएसएम की विशेषज्ञ टीम भी प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करेगी. इससे प्रभावित लोगों को क्षेत्र की स्थिति के तकनीकी आकलन और आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीद बंधी है.
सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग
छाताबाद में लगातार भू-धंसान की घटनाओं से प्रभावित लोग सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में रहना उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है. लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों की स्थिति का उचित आकलन कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की दिशा में पहल की जाए.
सर्वे शुरू होने के बाद अब प्रभावित परिवारों की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर है. लोगों को उम्मीद है कि सर्वेक्षण के आधार पर प्रभावित आवास और परिवारों की स्थिति स्पष्ट होगी तथा पुनर्वास और मुआवजे को लेकर ठोस प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
7 अगस्त को जमींदोज हुए थे करीब एक दर्जन आवास
गौरतलब है कि 7 अगस्त को छाताबाद में जोरदार भू-धंसान की घटना हुई थी. इस घटना में करीब एक दर्जन आवास जमींदोज हो गये थे. घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने अपने आशियाने को बचाने और सुरक्षित व्यवस्था की मांग को लेकर कई दिनों तक धरना दिया था.
अब दोबारा सर्वे शुरू होने के बाद प्रभावित लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ेगी. हालांकि, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर अंतिम निर्णय सर्वेक्षण और संबंधित विभागों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
