पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित लाल बाजार थाना क्षेत्र में बैंक अधिकारी बनकर लोगों से कथित तौर पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने निरसा क्षेत्र से दो युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार युवकों की पहचान गोपालगंज गांव निवासी बंटी रविदास और रोहित रविदास के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, दोनों पर बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेने और करीब 30 से 40 लाख रुपये की साइबर ठगी में शामिल होने का आरोप है.
लाल बाजार थाना में दर्ज मामले की जांच के क्रम में पुलिस बुधवार को निरसा पहुंची और दोनों युवकों को अपने साथ ले गयी. पुलिस अब मामले में आरोपितों की भूमिका और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपित युवक खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे. कथित तौर पर बैंकिंग सेवाओं से संबंधित अलग-अलग जानकारी देकर लोगों को अपने झांसे में लिया जाता था और इसके बाद उनसे पैसे की ठगी की जाती थी.
पुलिस जांच में मामले में महिला सदस्यों की भूमिका की बात भी सामने आने की जानकारी दी गयी है. हालांकि, इस भूमिका और कथित नेटवर्क में उनकी वास्तविक जिम्मेदारी को लेकर पुलिस की जांच जारी है. फिलहाल इस संबंध में किसी महिला की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आयी है.
एटीएम कार्ड और एंड्रॉयड फोन बरामद
लाल बाजार पुलिस ने गिरफ्तार दोनों युवकों के पास से विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, कई एंड्रॉयड मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री बरामद करने की बात कही है. पुलिस इन सामानों की जांच के माध्यम से कथित साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन और संपर्कों की जानकारी जुटा सकती है.
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद मोबाइल फोन और बैंकिंग सामग्री का इस्तेमाल कथित ठगी में किस तरह किया गया था और इससे कितने लोग जुड़े हो सकते हैं.
लाल बाजार थाना में दर्ज है मामला
जानकारी के अनुसार, बंटी रविदास और रोहित रविदास के खिलाफ लाल बाजार थाना में साइबर ठगी से संबंधित मामला दर्ज है. इसी मामले की जांच के सिलसिले में लाल बाजार पुलिस बुधवार को निरसा पहुंची थी. आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों को पुलिस अपने साथ कोलकाता ले गयी.
पुलिस अब मामले में कथित ठगी की रकम, पीड़ितों की संख्या, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन समेत अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है. मामले में महिला सदस्यों समेत अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच किये जाने की बात सामने आयी है.
नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस की कार्रवाई के बाद साइबर ठगी के इस मामले में नेटवर्क की अन्य कड़ियों की जांच महत्वपूर्ण हो गयी है. बरामद मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य सामग्री की जांच से कथित साइबर नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है.
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में आरोप सिद्ध होने से पहले गिरफ्तार दोनों युवकों को दोषी मानकर प्रस्तुत नहीं किया जा सकता. उनके खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी.
