धनबाद में परिवहन विभाग के राजस्व अंकेक्षण के दौरान लिब्रा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के 12 भारी मालवाहक वाहनों पर करीब 19.97 लाख रुपये का कर बकाया पाया गया है. यह बकाया वित्त वर्ष 2018-19 से संबंधित है. अंकेक्षण प्रतिवेदन में लंबित राशि की वसूली का निर्देश दिया गया है. इसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ), धनबाद की ओर से संबंधित वाहन स्वामी को नोटिस जारी कर बकाया कर जमा करने को कहा गया है.
12 वाहनों पर समान राशि बकाया
अंकेक्षण में सूचीबद्ध सभी 12 भारी मालवाहक वाहनों पर 1,66,404 रुपये की समान राशि बकाया बतायी गयी है. इनमें जेएच10बीबी-2208, जेएच10बीबी-5269, जेएच10एएक्स-1957, जेएच10एएक्स-9499, जेएच10एएक्स-4079, जेएच10एएक्स-5810, जेएच10एएक्स-0231, जेएच10एएक्स-2306, जेएच10एएक्स-2827, जेएच10एएक्स-3519, जेएच10एएक्स-3880 और जेएच10एएक्स-4591 शामिल हैं.
प्रत्येक वाहन पर 1,66,404 रुपये की देनदारी के हिसाब से 12 वाहनों का कुल बकाया 19,96,848 रुपये है. यानी करीब 19.97 लाख रुपये का कर लंबे समय से लंबित है.
10 दिनों में जमा करनी होगी पूरी राशि
डीटीओ कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार वाहन स्वामी को सूचना के प्रकाशन की तारीख से 10 दिनों के भीतर पूरी बकाया राशि जमा करनी होगी. विभाग ने निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी है.
नोटिस में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और झारखंड मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की बात कही गयी है. हालांकि, उपलब्ध सूचना में संभावित कार्रवाई की विस्तृत प्रकृति का उल्लेख नहीं है.
राजस्व अंकेक्षण में सामने आया पुराना मामला
वित्त वर्ष 2018-19 के अंकेक्षण के दौरान वाहनों से संबंधित लंबित कर की राशि का मामला सामने आया. अंकेक्षण प्रतिवेदन में बकाया राशि की वसूली का निर्देश दिये जाने के बाद परिवहन विभाग ने अब संबंधित वाहन स्वामी को भुगतान के लिए नोटिस जारी किया है.
करीब आठ वर्ष पुराने कर बकाये का अब तक लंबित रहना विभाग की राजस्व वसूली प्रक्रिया में लंबित मामलों की ओर भी ध्यान खींचता है. हालांकि, उपलब्ध सूचना के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि बकाया राशि लंबित रहने के लिए किसी अधिकारी या वाहन स्वामी की लापरवाही जिम्मेदार है.
सरकारी राजस्व की होगी वसूली
विभाग की ओर से अब बकाया राशि की वसूली पर जोर दिया जा रहा है. 19,96,848 रुपये की पूरी राशि जमा होने पर सरकारी राजस्व की वसूली होगी और संबंधित अंकेक्षण आपत्ति के निपटारे का रास्ता साफ होगा. फिलहाल वाहन स्वामी को निर्धारित 10 दिनों की समय सीमा में भुगतान करने का निर्देश दिया गया है.
