टी गोपाला कृष्णा बने एडवाइजर (मैकेनिकल)
वर्तमान में उत्पादन का ग्रोथ 20 प्रतिशत नकारात्मक
लक्ष्य का 50 प्रतिशत भी नहीं हुआ उत्पादन
धनबाद : बीसीसीएल चालू वित्तीय वर्ष के किसी माह में अपने उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकी है. कंपनी के सीएमडी, निदेशक व सीनियर माइनिंग अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद वर्तमान में कंपनी का उत्पादन ग्रोथ 20 प्रतिशत और डिस्पैच ग्रोथ 19 प्रतिशत नकारात्मक है. कंपनी की वर्तमान स्थित में सुधार तथा उत्पादन में बढ़ोतरी सुनिश्चित करने के लिए बीसीसीएल उच्च प्रबंधन ने एडवाइर की नियुक्ति की है.
एनटीपीसी से रिटायर जीएम टी गोपाला कृष्णा ने बतौर एडवाइजर (मैकेनिकल) बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी (परिचालन) को रिपोर्ट भी कर दी है. साथ ही उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी के विभिन्न एरिया का दौरा शुरू कर दिया है. हालांकि श्री कृष्णा माइनिंग मैन नहीं है और न ही कभी कोल इंडिया व उसकी सहायक कंपनियों में काम ही किया है. ऐसे में उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी प्रबंधन द्वारा उन पर भरोसा दिखाना बीसीसीएल व एडवाइजर दोनों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.
17.88 के बजाय 13.08 मिलियन टन हुआ उत्पादन : चालू वित्तीय वर्ष में बीसीसीएल को 36 मिलियन टन कोयला उत्पादन और डिस्पैच करना है. 24 सितंबर तक कंपनी को 17.88 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन बीसीसीएल 13.08 मिलियन टन ही कोयला उत्पादन कर सकी है, यानी लक्ष्य का 73 प्रतिशत उत्पादन हुआ है.
इस दौरान उत्पादन ग्रोथ 20 प्रतिशत नकारात्मक है. वहीं डिस्पैच की बात करे तो लक्ष्य 19.19 मिलियन टन है, जबकि कंपनी 15.29 प्रतिशत कोयला डिस्पैच कर सकी है. यानी लक्ष्य का 80 प्रतिशत कोयला डिस्पैच हुआ है. इस दौरान डिस्पैच ग्रोथ करीब 19 प्रतिशत नकारात्मक है.
