धनबाद : नगर निगम शहर की सफाई पर प्रति माह लगभग 1.80 करोड़ रुपया खर्च कर रहा है, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है, लेकिन मार्केट एरिया, चौक-चौराहों व गली मुहल्लाें में गंदगी का अंबार लगा है. शहर के तालाबों की स्थिति और भी नारकीय है. तेलीपाड़ा में कचरा का ढेर लगा है. हीरापुर हटिया के ठीक पीछे कचरा पड़ा है, नालियां बजबजा रही हैं. यही स्थिति ऑफिसर कॉलोनी आैर शहर के अन्य क्षेत्रों की है.
पूजा पंडाल, मेला व तालाब में गंदगी : पूजा पंडाल, मेला व तालाब में गंदगी का अंबार लगा है. तालाबों में मूर्ति विसर्जन के लिए निगम की ओर से बेरिकेडिंग करना था, लेकिन नहीं की गयी. लिहाजा तालाबों में जहां-तहां पूजन सामग्री व मूर्ति विसर्जन किया गया. पूजा पंडाल व मेला की साफ-सफाई के लिए अलग से टॉल फ्री नंबर जारी किया गया. बावजूद पूजा पंडाल के आसपास व मेला में गंदगी का अंबार लगा है.
55 में मात्र 24 वार्ड में कचरा कलेक्शन : रैमकी को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन व डिस्पोजल का काम करना है. घर-घर से कचरा उठाने के साथ मार्केट एरिया में भी रैमकी को साफ सफाई करनी है.
जून में रैमकी ने काम शुरू किया. तीन माह बीत गये, लेकिन अब तक मात्र 24 वार्ड में ही काम शुरू हो पाया है. निगम सूत्रों की मानें तो पिछले तीन माह में रैमकी ने लगभग 1.80 करोड़ का बिल दिया है. डीएमएफटी फंड से रैमकी को भुगतान करना था. उपायुक्त ने कचरा प्रबंधन पर भुगतान करने से साफ इंकार कर दिया है. लिहाजा रैमकी का भुगतान लंबित है.
