धनबाद के टुंडी और पूर्वी टुंडी में बनेगा 132 केवी पावर ग्रिड सबस्टेशन, ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था होगी मजबूत

धनबाद के टुंडी और पूर्वी टुंडी क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है. दोनों अंचलों में जल्द ही 132/33 केवी का नया पावर ग्रिड सबस्टेशन बनने वाला है. इस परियोजना से वर्षों से चली आ रही बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है. निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और जल्द ही शिलान्यास किया जाएगा.


धनबाद से भगवत दास की रिपोर्ट

Dhanbad News: धनबाद जिले के टुंडी और पूर्वी टुंडी क्षेत्र के लोगों को जल्द ही बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति की सौगात मिलने वाली है. झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (JUSNL) की ओर से दोनों अंचलों में लगभग पांच एकड़ भूमि पर 132/33 केवी पावर ग्रिड सबस्टेशन का निर्माण कराया जाएगा. परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण और चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से वर्षों से चली आ रही बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान होगा.

भूमि चिन्हित, जल्द होगा शिलान्यास

प्रशासन के अनुसार ग्रिड सबस्टेशन निर्माण के लिए टुंडी और पूर्वी टुंडी अंचल में आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है. प्रस्तावित परियोजना का शिलान्यास टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो के हाथों अगले एक-दो दिनों में किए जाने की संभावना है. इसके बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी. परियोजना के शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में एक बड़े ग्रिड सबस्टेशन की जरूरत महसूस की जा रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है.

करीब पांच एकड़ भूमि पर बनेगा ग्रिड सबस्टेशन

अंचलाधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल ने बताया कि झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के अनुरोध पर धनबाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी की ओर से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके तहत टुंडी अंचल के बंदरचुआ मौजा में मौजा संख्या 243, खाता संख्या 100 और प्लॉट संख्या 1298 पर कुल 3.57 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है. वहीं पूर्वी टुंडी अंचल के चुरियाटांड़ मौजा संख्या 242 में लगभग 1.50 एकड़ भूमि हस्तांतरित की गई है. दोनों स्थानों की कुल भूमि करीब पांच एकड़ है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन का निर्माण किया जाएगा.

निर्माण कार्य की तैयारी शुरू, ट्रेंच कटिंग का काम प्रारंभ

अंचलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित भूमि पर शनिवार से मापी का कार्य कराया गया. इसके साथ ही जेसीबी मशीन की मदद से ट्रेंच कटिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है. यह निर्माण प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है, जिसके बाद तकनीकी मानकों के अनुसार अन्य कार्य किए जाएंगे. प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय से परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द इसका लाभ मिल सके.

ग्रामीणों में खुशी, बिजली संकट से राहत की उम्मीद

टुंडी और पूर्वी टुंडी के ग्रामीणों ने इस परियोजना का स्वागत किया है. लोगों का कहना है कि वर्तमान में दोनों अंचलों में बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है और वोल्टेज की समस्या भी बनी रहती है. कई गांवों में बार-बार बिजली कटौती के कारण आम लोगों के साथ-साथ किसानों, विद्यार्थियों और छोटे कारोबारियों को भी परेशानी होती है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए ग्रिड सबस्टेशन के चालू होने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, गुणवत्तापूर्ण और नियमित होगी.

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क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन केवल बिजली व्यवस्था को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. बेहतर विद्युत आपूर्ति से कृषि, लघु उद्योग, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी. साथ ही भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी यह परियोजना अहम साबित होगी. प्रशासन और झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड ने भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, ताकि टुंडी और पूर्वी टुंडी के हजारों उपभोक्ताओं को जल्द ही बेहतर बिजली सुविधा का लाभ मिल सके.

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By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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