हर दिन 40-50 यूनिट रक्त की जरूरत, बचा है मात्र तीन यूनिट ब्लड
धनबाद : पीएमसीएच के ब्लड बैंक में खून की किल्लत हो गयी है. 12 सौ यूनिट क्षमता के ब्लड बैंक में शनिवार को मात्र तीन यूनिट रक्त ही बचा था. एबी निगेटिव, बी निगेटिव व एबी पॉजिटिव. इधर, रक्त की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों को भारी परेशानी हो रही है. रक्त के लिए मरीजों को शहर के ब्लड बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. शनिवार को हालांकि 18 यूनिट ब्लड रक्तदान से आया है. लेकिन इसके प्रोसेसिंग में एक दो दिन का समय लगता है. ब्लड बैंक में शनिवार को लगभग एक दर्जन जरूरतमंदों ने रक्त के लिए आवेदन दिया था.
रक्तदान से होती है जरूरत पूरी : पीएमसीएच में हर दिन 40-50 यूनिट रक्त की जरूरत हैं. खून की आपूर्ति रक्तदान के माध्यम से होती है. लेकिन सप्ताह में कि किसी तरह शिविर के माध्यम से रक्त की आपूर्ति हो पायी है. आलम यह है कि रक्त आते ही कुछ देरी में खत्म हो जा रहा है. रक्त देने के लिए पीएमसीएच में अलग से एक डोनर की मांग की जाती है, लेकिन अधिकांश ऐसे डोनर आ रहे हैं, जिनके पास कोई डोनर नहीं है, लिहाजा बिना डोनर के ब्लड दिया जा रहा है.
समाजसेवी शालिनी ने की मदद : समाजसेवी शालिनी खन्ना जरूरतमंदों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित कर रही हैं. शनिवार को उनकी प्रेरणा से तीन थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों की जान बची. आठ वर्षीय सुदीप चक्रवर्ती को रक्त मिला. उसके लिए भूली की मीरा देवी ने बोकारो से आकर रक्तदान किया. इसी तरह छह वर्षीय थैलेसिमिया पीड़ित मोहित महतो व तीन वर्षीय केशव कुमार को पुरुषोत्तम रिटोलिया व कमलेश सिंह ने आकर रक्तदान किया. इसके बाद तीनों बच्चों की जान बच पायी.
