धनबाद : हाउसिंग कॉलोनी धनबाद निवासी कमल कुमार सिंह के पक्ष में रिपोर्ट बनवाने व फ्रिज बैंक एकाउंट रिलीज कराने के एवज में एक लाख रुपये घूस लेने के मामले में सोमवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने आयकर कार्यालय धनबाद के पूर्व सहायक आयकर आयुक्त (इंवेस्टिगेशन) स्वर्ण सिंह को पांच वर्ष कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, जबकि मधुलिका स्वीट्स बरटांड़ के मालिक मृत्युंजय कुमार चौरसिया उर्फ टिंकू चौरसिया को पांच वर्ष कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.
मालूम हो कि 23 दिसंबर 2003 को कमल कुमार सिंह के यहां आयकर विभाग की टीम ने स्वर्ण सिंह के नेतृत्व में छापेमारी कर बैंक खाता, कंप्यूटर व हार्ड डिस्क जब्त किये थे. टिंकू ने आयकर विभाग के छापे के दौरान फूड सप्लाई की थी. कमल के यहां छापामारी के बाद टिंकू चौरसिया ने उन्हें बताया कि स्वर्ण सिंह के साथ उसका लेनदेन का संबंध है. आप अगर 15 लाख रुपये स्वर्ण सिंह को घूस देंगे, तो आपको आयकर में राहत मिलेगी.
इसकी शिकायत कमल कुमार सिंह ने सीबीआइ एसपी धनबाद से की. सीबीआइ ने टीम गठित कर 22 जनवरी 2004 को मधुलिका स्वीट्स के समीप आइबीपी पेट्रोल पंप से टिंकू को एक लाख रुपये घूस लेते धर दबोचा था. बाद में सीबीआइ ने स्वर्ण सिंह के घर में छापेमारी कर एक करोड़, आठ लाख, 21 हजार 520 रुपये बरामद किये. रुपये ट्रंक में रखे गये थे. टिंकू चौरसिया ने सीबीआइ को कहा कि उसने स्वर्ण सिंह के कहने पर पैसा लिया था.
