धनबाद : पीएमसीएच के 11 इंटर्न (मेडिकल छात्र) को नये वर्ष पर सरायढेला के एक होटल में पार्टी व हंगामा करना महंगा पड़ गया. प्रबंधन ने इन सभी 11 इंटर्न को अगले आदेश तक के लिए उनकी ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया है. साथ ही, एक माह तक हॉस्टल में भी नहीं रहने का आदेश दिया है. प्रबंधन के इस कड़े रुख से इंटर्न में में हड़कंप है. मामला 31 दिसंबर की रात की है.
रात में सभी स्टूडेंट अपने कैंपस से बिना अनुमति के बाहर जाकर होटल पहुंच गये, वहां जाकर सभी ने खाया-पीया. इसके बाद बाहरी लोगों से मारपीट की. आधी रात सभी लोग हॉस्टल पहुंचे थे. अस्पताल प्रबंधन ने इसे अनुशासनहीनता माना और कार्रवाई का आदेश दे दिया.
एकेडमिक कमेटी ने भी मानी अनुशासनहीनता : इसके बाद प्राचार्य डॉ शैलेंद्र कुमार ने आनन-फानन में एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलायी. पार्टी में देर रात लड़कियां भी थीं, बिना बताये हॉस्टल से बाहर जाने को घोर अनुशासनहीनता पाया गया.
इसके साथ ही प्रबंधन ने इंटर्न के परिजनों को भी बुलाया. लेकिन परिजन तय तारीख को नहीं आ पाये. गर्ल्स हाॅस्टल व ब्वायज हाॅस्टल के वार्डन को बुलाकर मामले की जानकारी ली. वार्डन ने भी इसे अनुशासनहीनता बताया. इसके बाद कार्रवाई कर दी गयी.
क्या हुआ था 31 दिसंबर की रात
31 दिसंबर की रात को पीएमसीएच के स्टूडेंट्स सेलिब्रेट के लिए हॉस्टल से निकले थे. होटल में इंटर्न खाना-पीना कर दोस्तों के साथ सेलिब्रेट कर रहे थे. सभी कुछ बाहरी युवकों के साथ इंटर्न की बकझक शुरू हो गयी. इसके बाद इंटर्न व बाहरी युवकों में मारपीट हो गयी. इसकी सूचना सरायढेला प्रभारी निरंजन तिवारी को दी गयी.
श्री तिवारी रात में बल के साथ होटल पहुंचे, किसी तरह को मामले को शांत कराया. पुलिस ने इसकी सूचना काॅलेज प्रबंधन को दी. पुलिस ने इंटर्न को नशे में भी होने की सूचना दी. देर रात सभी इंटर्न अपने हॉस्टल पहुंचे. इसमें छह लड़कियां भी थीं.
यह घोर अनुशासनहीनता का मामला है. देर रात हॉस्टल से बाहर रहकर खाना-पीना बरदाश्त योग्य नहीं है. कई लोगों के ड्रिंक करने की भी शिकायत मिली थी. किसी तरह की घटना होने पर जिम्मेदारी पीएमसीएच पर आती. बावजूद इसके इंटर्न समझाने पर भी नहीं समझ रहे थे. फिलहाल इंटर्न का कार्य अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. एक माह तक हॉस्टल में नहीं रहने का निर्देश दिया गया है.
डॉ शैलेंद्र कुमार, प्राचार्य, पीएमसीएच
जानें क्या हैं इंटर्न
इंटर्नशिप एमबीबीएस की पढ़ाई का अंतिम चरण है. किसी भी मेडिकल स्टूडेंट्स को एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष इंटर्नशिप करना होता है. इंटर्नशिप के दौरान अस्पताल में सीनियर डॉक्टर के मातहत में रहकर मरीजों की जांच व इलाज करना होता है. इंटर्नशिप पूरा होने के बाद ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन नंबर देता है. इस तरह से एमबीबीएस की डिग्री पूरी हो जाती है.
