धनबाद : विभिन्न वार्डों में 14वें वित्त आयोग के लगभग 186 करोड़ रुपये की राशि से हो रहे सड़क निर्माण में लेट-लतीफी को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है.
प्रभात खबर में सोमवार को प्रकाशित समाचार ‘घरों से निकलना दूभर, अधूरी नालियां-सड़क बनाकर छोड़ा निगम’ होने के बाद नगर आयुक्त ने चंद्र मोहन कश्यप ने शनिवार को पांच पदाधिकारियों की टीम बनायी. टीम को आदेश दिया कि रविवार को विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण करें और उसी दिन शाम को रिपोर्ट भी दें, ताकि ठीक से काम नहीं करने, लेटलतीफी करने वाले संवेदकों को कार्रवाई की जा सके.
क्या-क्या मांगे नगर आयुक्त ने :
– योजना चालू है या बंद. बंद है तो कब से और क्या है कारण
– संवेदक से समय एकरारनामा की तिथि क्या है.
– कार्य के दौरान मजदूरों की संख्या व उसकी प्रगति रिपोर्ट.
– कितना प्रतिशत काम हुआ.
– कार्य की गुणवत्ता क्या है.
जांच टीम में ये शामिल
एस के सिन्हा, मुख्य अभियंता : जिम्मेवारी वार्ड 39 के तीन पैकेज, बाबूडीह में भवन का कार्य, डोमगढ़ ग्रेव यार्ड का सौंदर्यीकरण.
मनोज कुमार, उप नगर आयुक्त : वार्ड एक, वार्ड तीन में चार व वार्ड छह, आठ व दो में विकास कार्य.
कामदेव दास, सहायक अभियंता : वार्ड 23 में आठ योजनाओं की निरीक्षण.
मनोज कुमार, सहायक अभियंता : वार्ड 27 में तीन, वार्ड 31, 32, 25 व 21.
ओम प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियंता : वार्ड 21, 24, 17, 9 व तेलीपाड़ा विवाह भवन.
