धनबाद : नोटिस के बाद भी बिल्डिंग का काम करनेवाले 40 बिल्डरों पर नगर निगम एफआइआर करेगा. इसकी सूची तैयार कर ली गयी है. शुक्रवार को भवन शाखा की हुई बैठक में बिल्डरों को दिये गये नोटिस की क्रमबद्ध समीक्षा की गयी. कुछ बिल्डरों के मामले को शॉटआउट भी किया गया.
नोटिस के बाद भी टर्नअप नहीं होनेवाले बिल्डरों को झारखंड म्युनिसिपल एक्ट 2011 के तहत 40 बिल्डरों पर एफआइआर करने का निर्णय लिया गया. बैठक में मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, अपर नगर आयुक्त महेश संथालिया, लीगल ऑफिसर मनीष अग्रवाल, बिल्डर एसोसिएशन के महासचिव अनिल कुमार सिंह आदि थे.
कुछ बोलने से कतराते हैं अधिकारी
धनबाद में लगभग दो सौ बिल्डर हैं. चार सौ के आसपास अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है. कुछ का काम पूरा हो गया है और कुछ निर्माणाधीन है. जो अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाये गये हैं, सभी माडा द्वारा नक्शा पारित है. नक्शा पास होने के दो साल के बाद भी बिल्डिंग में काम चल रहा है.
यही नहीं लगभग 60-70 प्रतिशत अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में विचलन की भी शिकायत है. वर्ष 2016 को शहरी क्षेत्र का नक्शा पास करने का अधिकार निगम को मिला. दो साल के बाद नगर निगम की नींद खुली और बिल्डरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की गयी. नगर निगम के अधिकारी बिल्डरों पर कार्रवाई तो कर रहे हैं लेकिन कुछ बोलने से कतरा रहे हैं.
रेगुलराइजेशन व टाइम एक्सटेंशन पर चल रही बात : अनिल सिंह
बिल्डर एसोसिएशन के महासचिव अनिल सिंह ने कहा कि टाइम एक्सटेंशन व रेगुलराइजेशन को लेकर पहल की जा रही है. इस संबंध में शुक्रवार को मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल से मिला. मेयर श्री अग्रवाल ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है. नगर निगम का जो टैक्स बनता है, उसमें बिल्डर सहयोग करने को तैयार है.
