प्रयागराज : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आईएसएम धनबाद के निदेशक राजीव शेखर और अन्य तीन लोगों की गिरफ्तारी पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी. इन लोगों के खिलाफ कानपुर के कल्याणपुर पुलिस थाना में एससी-एसटी कानून के तहत मामला दर्ज है. अदालत ने सूचनादाता सहायक प्रोफेसर डाक्टर सुब्रमणियम सड्रेला को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा.
न्यायमूर्ति बी.के. नारायण और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की पीठ ने राजीव शेखर और अन्य तीन प्रोफेसरों- चंद्रशेखर उपाध्याय, इशांत शर्मा और संजय मिथाल द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया. याचिका में आरोप लगाया गया था कि इसी मामले में डाक्टर सड्रेला ने पूर्व में एससी-एसटी आयोग में शिकायत की थी जिसने आईआईटी कानपुर के निदेशक को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था और इसे इन याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी जिस पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी.
आयोग के आदेश पर रोक लगाते हुए अदालत ने आईआईटी कानपुर के निदेशक को जांच करने का निर्देश दिया था. याचिका में आरोप लगाया गया है कि निदेशक द्वारा इस जांच के लंबित रहने के दौरान डाक्टर सड्रेला ने खुद ही याचिकाकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी.
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि चूंकि उच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक जांच चल रही है, इसलिए उनके खिलाफ गलत ढंग से एफआईआर दर्ज करायी गयी. अदालत इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करेगी.
