Dhanbad News : खनन क्षेत्र में तेजी लाने को 5,000 करोड़ की नयी योजना, झारखंड के लिए अवसर

Dhanbad News : केंद्र ने राज्यों के लिए प्रोत्साहन स्कीम शुरू की, सुधार, नीलामी और उत्पादन बढ़ाने पर मिलेगा पैसा.

धनबाद, केंद्र सरकार ने खनन क्षेत्र को तेज रफ्तार देने के लिए राज्यों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना शुरू की है. खान मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (एसएएससीआइ) में यह नया प्रोत्साहन तंत्र जोड़ा गया है. सरकार का मकसद खदानों का काम आसान बनाना, खनिज उत्पादन बढ़ाना और राज्यों की कमाई में इजाफा करना है. इस योजना से खास तौर पर खनिज संपन्न राज्य झारखंड, ओडिशा व छत्तीसगढ़ आदि को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य अगर इन सुधारों को तेजी से लागू करते है, तो न सिर्फ निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे. राज्य की आय में भी बड़ा इजाफा हो सकता है. योजना के तहत राज्यों को तीन चरणों में प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. पहले चरण में खनन से जुड़े सिस्टम को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ना, नीलामी से पहले जरूरी प्रक्रियाओं को तेज करना, खदानों की निगरानी के लिए समितियां बनाना और तय समय पर नीलामी कराना जैसे सुधार शामिल है. ये सभी काम 15 दिसंबर 2026 तक पूरा करने वाले राज्यों को 100 करोड़ रुपये मिलेंगे. दूसरे चरण में उन राज्यों को फायदा होगा जो तय समय के भीतर खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी कर खदानों का संचालन शुरू कर देंगे. हर ब्लॉक पर 20 करोड़ रुपये तक और एक राज्य को अधिकतम 200 करोड़ रुपये मिल सकते है. इसके अलावा, पहले से नीलाम खदानों में से कम से कम 10 प्रतिशत में उत्पादन शुरू करने पर 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा. तीसरे चरण में राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा. इसके लिए ‘स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स’ (एसएमआरआइ) के तहत बेहतर काम करने वाले राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में 50 से 100 करोड़ रुपये तक दिए जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >