धनबाद / गोिवंदपुर : मंगलवार की रात डीआरएम चौक पर मौत का तांडव हुआ. भीषण सड़क दुर्घटना में पीएमसीएच के डॉक्टर श्याम सुंदर साह (56) एवं उनकी पुत्री डॉ अभिलाषा गौरव (30) व उनके ड्राइवर साजिद अंसारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि उनकी पत्नी माया प्रसाद एवं नाती निहान (3) जीवन व मौत से जूझ रहे हैं.
कैसे हुई दुर्घटना : डॉ एसएस साह अपने परिजनों के साथ मारुति एस एक्स-फोर संख्या जेएच 10 यू- 8632 से पूजा टॉकीज की तरफ से डीआरएम कार्यालय की तरफ आ रहे थे. स्टेशन की तरफ जा रही जेएच 10 बीसी 7927 नंबर के हाइवा ने कार में सीधी टक्कर मार दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार दो बार नाच कर विपरीत दिशा में मुड़ गयी.
हाइवा कार के अंदर धंस गया. ड्राइवर की बॉडी स्टेयरिंग से चिपक गयी. उसे निकालने के लिए आधी रात के बाद तक गैस कटर का इंतजार हो रहा था. आम लोगों ने किसी तरह डॉक्टर व उनके परिजनों को बाहर निकाला. एक कार से डॉ साह व उनकी पुत्री को केंद्रीय अस्पताल जगजीवन नगर ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया, जबकि डॉ साह की पत्नी व नाती को टेंपो से पीएमसीएच ले जाया गया. समाचार लिखे जाने तक दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई थी.
कौन थे डॉ एसएस साह
गोविंदपुर में रहने वाले डॉ साह धनबाद के जाने-माने चिकित्सक थे. फिलहाल पीएमसीएच के मेडिसीन विभाग में सह प्राध्यापक के रूप में पदस्थापित थे. लंबे अर्से तक सीएचसी गोविंदपुर में पदस्थापित थे. उन्होंने पीएमसीएच पटना से एमबीबीएस एवं एमडी की डिग्री हासिल की थी. वर्ष 1983 में उनकी शादी धनबाद के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ राजेंद्र प्रसाद (अब स्वर्गीय) की पुत्री माया प्रसाद से हुई थी.
डॉ प्रसाद का घर कस्तूरबा नगर में है. डॉ साह ने गोविंदपुर मोड़ के पास माया लोक नामक क्लिनिक खोला था. उन्हें दो पुत्र व एक पुत्री थी. एक बेटा अभी भुवनेश्वर से एमडी कर रहा है. दूसरा बेटा बंगलुरू में नौकरी कर रहा है. डॉ साह मूलत: बांका िजले के अमरपुर थाना क्षेत्र के िचरैया गांव के रहने वाले है.
दामाद भी हैं शिशु रोग विशेषज्ञ : डॉ साह की पुत्री डॉ अभिलाषा अभी बिहार के सीतामढ़ी में पदस्थापित थी. उनके दामाद भी शिशु रोग विशेषज्ञ हैं. कुछ वर्ष पूर्व ही बेटी की शादी हुई थी.
तीन साल के नाती की हालत चिंताजनक, पत्नी बेहोश
धनबाद. डीआरएम चौक पर घटना में घायल पत्नी माया प्रसाद और तीन साल का नाती निहान जिंदगी और मौत से झूल रहा है. दोनों को गहरी चोट लगी है. पीएमसीएच के डॉक्टर व वहां के स्टाफ उन्हें बचाने के लिए लगातार इलाज कर रहे हैं.
ऑक्सीजन की कमी और पल्स भी गिरा : पीएमसीएच पहुंचने के बाद वहां के स्टाफ ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है. सांस भी धीरे-धीरे चल रही है. ऑक्सीजन के साथ ही इसका पल्स भी पूरी तरह से गिर गया था. बच्चे की हालत में कुछ खास सुधार नहीं आया है. वहीं पत्नी माया प्रसाद के सिर पर गहरी चोट लगी है, वह पूरी तरह से बेहोश है. पीएमसीएच के डॉक्टर व स्टाफ को जब यह पता चला कि यह डॉक्टर की पत्नी और नाती है तो आधा दर्जन से अधिक डॉक्टर पीएमसीएच में पहुंचे.
नो इंट्री में कैसे घुसा हाइवा
धनबाद. शहर के बीचोबीच हुई सड़क दुर्घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है. आखिर जब रात 11 बजे तक नो-इंट्री है, तब हाइवा कैसे शहर के अंदर कैसे घुस गया. कई थानों को पार करते हुए डीआरएम मोड़ तक कैसे पहुंच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय हाइवा बहुत ही तेज गति से चल रहा था, जबकि उस सड़क पर स्पीड लिमिट है. यहां हाइवा को अक्सरहां बहुत कम उम्र के ही चालक, खलासी चलाते हैं. इस दुर्घटना के बाद वहां से गुजर रहे लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश था. घटनास्थल पर वार्ड पार्षद अशोक पाल, डेकोरेटर्स एसोसिएशन के महामंत्री पुरुषोत्तम रंजन सहित कई लोग पहुंचे.
घटना के बाद पहुंचे डॉक्टर : दुर्घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले पीएमसीएच मेडिसीन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ यूके ओझा केंद्रीय अस्पताल पहुंचे. उसके बाद आइएमए धनबाद के सचिव डाॅ सुशील कुमार, डॉ इंद्र सहित कई डॉक्टर वहां पहुंचे.
