जादूगर हैं बैंक मोड़ थाना के एएसआइ गणोश प्रसाद

धनबादः आम तौर पुलिस वालों को दूसरे कामों के लिए वक्त नहीं मिलता. लेकिन जज्बा और लगन हो तो वक्त निकालना भी मुश्किल नहीं. मिलिए बैंक मोड़ थाना में पदस्थापित एएसआइ गणोश प्रसाद से. उन्हें जादूगरी में महारत हासिल है. देश के कई हिस्सों में अपनी जादूगरी का झंडा गाड़ चुके हैं. पुलिस के वरीय […]

धनबादः आम तौर पुलिस वालों को दूसरे कामों के लिए वक्त नहीं मिलता. लेकिन जज्बा और लगन हो तो वक्त निकालना भी मुश्किल नहीं. मिलिए बैंक मोड़ थाना में पदस्थापित एएसआइ गणोश प्रसाद से. उन्हें जादूगरी में महारत हासिल है. देश के कई हिस्सों में अपनी जादूगरी का झंडा गाड़ चुके हैं. पुलिस के वरीय पदाधिकारी से लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री व सिने स्टार के हाथों से सम्मानित हो चुके हैं.

जादू से गायब हो जाता है अंग

गणोश प्रसाद ने जादू के कई रंग दिखाये. इस दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को खड़ा कर उसके शरीर का एक अंग गायब कर दिया और जब लोग उन्हें बोलने लगे तो तुरंत उसका अंग आ गया. कबूतर निकालना, ग्लास से फूल निकालना व अन्य कई तरह के जादू उनके बायें हाथ का खेल है. अपना जादू का दिखाने के लिए उन्होंने धनबाद एसपी को भी पत्र भेजा है. गणोश प्रसाद ने बताया कि पीसी सरकार के पुत्र सूरज सरकार से कोलकाता में मैजिक के गुण सीखे. 2001 में उन्होंने जबलपुर, दिल्ली व गया के बीएन सरकार एकेडमी में प्रशिक्षण लिया. जबकि सममोहन मंत्र के लिए भी कड़ी मेहनत कर उसे भी प्राप्त कर लिया है.

बचपन से जादूगरी का शौक

प्रसाद ने बताया कि बचपन से ही जादूगरी का शौक था. लेकिन गरीब परिवार में जन्म लेने के कारण बहुत कुछ नहीं कर पाये. पुलिस में बहाली हो गयी. उसके बाद भी शौक खत्म नहीं हुआ. वर्ष 1996 से उन्होंने कई तरह की जादूगरी किताब ली और पढ़ाई शुरू कर दी. लेकिन ज्यादा कुछ नहीं सीख पाने के बाद वह कई गुरु के पास गये और जादूगरी सीख ली.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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