धनबाद : कोल इंडिया की सहायक कंपनी बीसीसीएल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) लागू करने की कवायद तेज हो गयी है. शुक्रवार को कंपनी मुख्यालय कोयला भवन में कंपनी बोर्ड मीटिंग में मामले पर चर्चा की गयी. इसमें वीआरएस स्कीम लाने पर सहमति बनी. आधिकारिक सूत्रों की माने तो फिलहाल कंपनी की विभिन्न खदानों के बंद होने से इनके श्रमिकों तथा कर्मचारियों का समायोजन अन्य चालू खदानों में किया जा रहा है.
इसके बाद भी वर्तमान में चार हजार कोलकर्मी कंपनी में सरप्लस हैं. इनमें से तीन हजार कर्मी मार्च 2018 तक रिटायर हो जायेंगे. शेष सरप्लस बचे एक हजार कर्मियों को वीआरएस देने या फिर स्वैच्छिक रूप से उन्हें अन्य कंपनी में तबादला करने की योजना है. इसके लिए जल्द ही स्कीम तैयार कर कोल इंडिया को भेजा जायेगा.
उत्पादन पर प्रतिदिन टन दो लाख रुपये तक का नुकसान : बताते हैं कि वर्तमान में बीसीसीएल का 70 से 80 फीसदी तक उत्पादन आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रहा है, जबकि 20 फीसदी उत्पादन विभागीय हो रहा है. सूत्रों की माने तो मैनपावर सरप्लस होने के कारण कंपनी को प्रति टन कोयला उत्पादन में तीन हजार से लेकर दो लाख रुपये तक का नुकसान हो रहा है. ऐसे में कंपनी वीआरएस स्कीम ला कर सरप्लस मैनपावर को कम करने की दिशा में काम कर रही है.
