बायोवेस्ट खाकर मरा पशु, दुर्गंध से चेंबर छोड़ भागे चिकित्सक-कर्मी

धनबाद : पीएमसीएच में छह माह से बायोवेस्ट का डिस्पोजल नहीं होने से कई तरह की परेशानियां खड़ी हो रही हैं. आइसीयू व मेडिसिन के पास लंबे समय से पसरे बायोवेस्ट को खाकर एक पशु मर गया. पशु का शव दो दिनों तक यहीं पड़ा रहा. मंगलवार को भारी दुर्गंध से आसपास रहना दूभर हो […]

धनबाद : पीएमसीएच में छह माह से बायोवेस्ट का डिस्पोजल नहीं होने से कई तरह की परेशानियां खड़ी हो रही हैं. आइसीयू व मेडिसिन के पास लंबे समय से पसरे बायोवेस्ट को खाकर एक पशु मर गया. पशु का शव दो दिनों तक यहीं पड़ा रहा. मंगलवार को भारी दुर्गंध से आसपास रहना दूभर हो गया. अाइसीयू, एचडीयू, मेडिसिन, वृद्ध वार्ड के मरीजों में बेचैनी बढ़ गयी.
मेसिडिन में आये चिकित्सक व कर्मी अपने वार्ड से बाहर निकल गये. सबने इसे हटाने के लिए पीएमसीएच की सफाई एजेंसी को कहा, लेकिन सफाई एजेंसी ने यह कहते हुए इनकार दिया कि यह नगर निगम का काम है. इसके बाद निगम को सूचना दी गयी. निगम की ओर से वाहन लाकर इसे हटाया गया. दूसरी ओर, वार्ड के बाहर पसरी गंदगी से लोगों को परेशानी हो रही है. लेकिन प्रबंधन लगातार उदासीन बना हुआ है.
प्रदूषण विभाग भी मौन, नहीं कर रहा कार्रवाई : बायोवेस्ट को लेकर प्रदूषण नियंत्रण पर्षद भी मौन है. अधिकारी कई बार पीएमसीएच में आकर इसका निरीक्षण कर चुके हैं. लेकिन कार्रवाई कभी भी नहीं हुई है. यही कारण है कि यहां साफ-सफाई करने वाली एजेंसी को इससे कोई परवाह नहीं होती है. पीएमसीएच के अधिकांश चिकित्सक व कर्मी एजेंसी को हटाने की मांग कर रहे हैं.
प्रति माह 10.30 लाख रुपये सफाई पर खर्च, तब यह हाल : पीएमसीएच में साफ-सफाई के लिए प्रति वर्ष 10.30 लाख रुपये सरकार खर्च कर रही है. लेकिन इतनी राशि खर्च करके भी हालत बेहद खराब है. यहां सफाई करने वाली एजेंसी कागज पर सौ से अधिक कर्मी दिखाती है. लेकिन अस्पताल में 20 से 25 सफाई कर्मी ही सेवा देते हैं. हालांकि सरकार अब नये सिरे से सफाई एजेंसी का टेंडर करने जा रही है. जिला प्रशासन इसकी देखरेख कर रहा है.

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