26 जून से शुरू होगा अभियान
सहयोग नहीं करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
धनबाद :26 जून से जिले के लगभग दस लाख बच्चों को मिजिल्स व रूबेला के वैक्सीन दिये जायेंगे. यह वैक्सीन पांच चरणों में एक माह तक दिया जायेगा. इसमें सरकारी के साथ निजी स्कूलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. निजी स्कूलों में पैरेंट मीट सहित कई कार्यक्रम किये जा रहे हैं.
बावजूद इसके स्कूलों के सहयोग नहीं करने पर कार्रवाई की जायेगी. ये बातें प्रभारी सीएस डॉ चंद्रांबिका श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में अपने सभागार में कही. लोगों को जागरूक के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. स्कूलों को लेकर जिला प्रशासन का 19 को कार्यक्रम होगा.
मौके पर यूनिसेफ दिल्ली की प्रतिनिधि तरन्नूम, यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ जयंत कुमार, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार, डॉ सुधा सिंह आदि मौजूद थे.
पांच चरण में दिया जायेगा बच्चों को टीका : मिजिल्स एवं रूबेला को लेकर यह अभियान चलाया जायेगा. इसके तहत नौ माह से 15 वर्ष के बच्चों को मिजिल्स एवं रूबेला (एमआर) का टीका लगाया जायेगा. अभियान 26 जून से पांच सप्ताह तक चलेगा. प्रथम दो सप्ताह सभी स्कूलों में चलेगा. इसके बाद अगले दो सप्ताह में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को टीका लगाया जायेगा. 5वें सप्ताह में छूटे बच्चों को चिह्नित कर टीका दिया जायेगा.
यह टीका क्यों जरूरी है : मिजिल्स एवं रूबेला बाल मृत्यु दर के लिए सबसे बड़ा कारण है. इस टीका से मृत्यु दर में लगभग 40 प्रतिशत कमी लायी जा सकती है. मिजिल्स से बच्चों को जहां निमोनिया, दस्त, जीवन के लिए अन्य घातक समस्याएं हो जाती हैं. वहीं रूबेला के संक्रमण से शिशु कई गंभीर दोषों के साथ पैदा हो सकते हैं. इसमें अंधापन, बहरापन, कमजोर दिमाग, जन्मजात दिल की बीमारियां हो सकते हैं.
सभी सरकारी अस्पतालों व केंद्रों में मॉड्यूल बूथ: जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में मॉड्यूल बूथ बनाया गया है. यहां हर दिन सुबह नौ बजे से लेकर तीन बजे तक बच्चों को टीके दिये जायेंगे. रविवार को भी यह केंद्र खुला रहेगा.
वैक्सीन की गुणवत्ता पर नजर रखें कर्मी : एमआर वैक्सीन वीवीएम कैप लगाकर बनायी गयी है. इसके कैप के उपर एक सफेद रंग का वर्गकार चित्र रहेगा. कोल्ड चेन की लगातार मॉनीटरिंग की जायेगी. एनएनएम को ध्यान देना है कि यदि वर्गकार चित्र का रंग सफेद से कैप के रंग का हो गया, तो इसका अर्थ है गुणवत्ता ठीक नहीं है. वैक्सीन को खोलने के बाद मात्र चार घंटे तक ही इसका प्रयोग कर सकते हैं.
