हाल धनबाद जिला परिषद का
धनबाद : त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थान के सबसे बड़ी एजेंसी जिला परिषद का धनबाद में हाल बुरा है. जिला परिषद के काम-काज को सुचारु ढंग से चलाने के लिए आठ कमेटियां बनी है. इसमें से सात कमेटियों की पिछले 24 माह में एक बैठक तक नहीं हुई है.
कौन-कौन समितियां : पंचायती राज अधिनियम की धारा 72 के तहत जिला परिषद धनबाद में आठ स्थायी समितियों का गठन 26 जुलाई 2016 को किया गया था. इसमें सामान्य समिति के अध्यक्ष खुद जिप के अध्यक्ष रोबिन चंद्र गोरांई हैं. कृषि एवं उद्योग समिति की अध्यक्ष रेखा देवी हैं. स्वास्थ्य एवं शिक्षा समिति की अध्यक्ष जिप उपाध्यक्ष हसीना खातून हैं. जबकि दुर्योधन चौधरी, सुनील मुर्मू, रेखा देवी, कमली देवी, कमला देवी इसके सदस्य हैं. वित्त अंकेक्षण समिति के अध्यक्ष जिप अध्यक्ष हैं.
सहकारिता समिति के अध्यक्ष हीरामन नायक तो महिला, शिशु एवं सामाजिक कल्याण समिति की अध्यक्ष हसीना खातून, वन एवं पर्यावरण समिति की अध्यक्ष सीमा बाउरी, संचार तथा संकर्म समिति की अध्यक्ष रेखा देवी हैं. इसमें से केवल वित्त एवं अंकेक्षण समिति की ही बैठक अप्रैल माह में हुई थी.
क्या है नियम : इन समितियों की बैठक माह में कम से कम एक बार होनी चाहिए. समिति के अध्यक्ष को इनकी बैठक बुलाने का अधिकार है. कमेटियों के कार्यों की समीक्षा करने का अधिकार जिप अध्यक्ष को है. लेकिन, जिप बोर्ड की बैठक ही जब-तब हो पाती है.
जिप समितियों की नियमित बैठक होनी चाहिए. यहां अधिकारी समय पर योजनाओं को क्रियान्वित नहीं कर रहे हैं. बोर्ड की बैठक के निर्णय का भी पालन नहीं हो पाता. इसलिए सदस्य विभिन्न समितियों की बैठक में नहीं आना चाहते.
रोबिन चंद्र गोरांई, जिप अध्यक्ष
जब जिप बोर्ड की बैठक छह माह से नहीं हो रही तब समितियों की बैठक नहीं हो तो क्या आश्चर्य है. जिला परिषद में विकास का काम नहीं हो रहा है. केवल फेंका-फेंकी चल रही है.
हसीना खातून, जिप उपाध्यक्ष
