ठेला चालक को पुत्र के इलाज को मदद की दरकार

पुटकी : आर्थिक तंगी से जूझ रहे मुनीडीह क्षेत्र के धोबनी निवासी पशुपति कालिंदी उर्फ पोशवा कालिंदी को अपने पुत्र भोला (16 वर्ष) के इलाज के लिए किसी रहनुमा का इंतजार है. ठेला चालक पोशवा कालिंदी ने बताया कि उनके पुत्र भोला के पैर में काम के दौरान तीन माह पहले लोहे की कांटी से […]

पुटकी : आर्थिक तंगी से जूझ रहे मुनीडीह क्षेत्र के धोबनी निवासी पशुपति कालिंदी उर्फ पोशवा कालिंदी को अपने पुत्र भोला (16 वर्ष) के इलाज के लिए किसी रहनुमा का इंतजार है. ठेला चालक पोशवा कालिंदी ने बताया कि उनके पुत्र भोला के पैर में काम के दौरान तीन माह पहले लोहे की कांटी से चोट लगी थी. उसका इलाज पश्चिम बंगाल में कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. एक जून को पीएमसीएच धनबाद में दिखाया तो चिकित्सकों ने रांची रिम्स रेफर कर दिया. इसके बाद पांच जून को गांव के कुछ लोगों के आर्थिक सहयोग से पुत्र को लेकर रांची रिम्स भी पहुंचे. वहां चिकित्सकों की हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा. पोशवा ने बताया कि उनके बेटा भोला के एक पैर में इंफेक्शन से फुल गया है.

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