धनबाद .: धनबाद जिले को इसी वर्ष से 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी. इसे 24 घंटे बिजली वाला जिला घोषित किया जायेगा. इसके लिए काम युद्धस्तर पर चल रहा है. यह कहना है झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार का. वह बुधवार को यहां सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे.
पुरवार ने बताया कि इस वर्ष धनबाद जिले से बिजली की परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी. काम चल रहा है. विभाग डीवीसी के पावर जेनरेट हाउस से सीधे बिजली लेगा. अभी डीवीसी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को एक कंज्यूमर की तरह बिजली देता है. मगर अब ऐसा नहीं होगा. इसके अलावा डीवीसी में नया ग्रिड बनाया जा रहा है. इससे लोड शेडिंग, लो वोल्टेज आदि की समस्याएं खत्म हो जायेंगी. शहरी क्षेत्रों में बिजली विभाग की सारी संरचनाएं बहुत पुरानी हो गयी है. इसको ठीक करने के लिए 15 नये सब स्टेशन और 33 केवी व 11 केवी मेन लाइन को दुरुस्त किया जा रहा है.
दावा : सभी गांवों में पहुंच चुकी है बिजली
जेबीएनएल के एमडी राहुल पुरवार के अनुसार सौभाग्य योजना के तहत धनबाद जिले के सभी 1203 गांवों में बिजली पहुंच चुकी है. इसमें एक लाख बीपीएल व एपीएल परिवार के लोग बिजली का लाभ लेने से बच रहे हैं. सितंबर तक उन लोगों को भी बिजली मिल जायेगी. धनबाद के सभी परिवार को 15 जून, बलियापुर में 30 जून, तोपचांची में 15 जुलाई, गोविंदपुर में 30 जुलाई और बाघमारा में 30 अगस्त तक बिजली पहुंचा दी जायेगी. योजना का काम 30 अगस्त तक पूरा कर लिया जायेगा.
बैठक में की योजनाओं की समीक्षा
जेबीवीएनएल के एमडी ने धनबाद परिसदन में 2800 करोड़ रुपये की शहरी व ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की समीक्षा की मौके पर उपायुक्त ए दोड्डे, महाप्रबंधक सुभाष सिंह, अधीक्षण अभियंता विनय कुमार, कार्यपालक अभियंता रवि प्रकाश, सहायक अभियंता श्याम पासवान के साथ-साथ योजनाअों के लिए काम करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद थे.
नेशनल ग्रिड से जुड़ाव जल्द
एमडी ने बताया कि धनबाद प्रमंडल को नेशनल ग्रिड से जोड़ा जा रहा है. इसके लिए गोविंदपुर, चंदनकियारी, जैनामोड़ और महुदा में चार पावर ग्रिड बना दिये गये हैं. जल्द इसे नेशनल ग्रिड से जोड़कर बिजली लायी जायेगी. इसके बाद शहर में बिजली की समस्या लगभग खत्म हो जायेगी.बरसात तक किसानों को पर्याप्त बिजली
जेबीवीएनएल के एमडी ने बताया कि धनबाद जिले में किसानों के पास पर्याप्त बिजली नहीं रहने के कारण खेती में परेशानी हो रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही फीडर से घर और खेती का काम करने से लोड शेडिंग और दूसरे तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही है. इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 14 नये फीडर बनाये जा रहे हैं, जिसका किसान सिर्फ खेती के लिए इस्तेमाल करेंगे. अगली बरसात तक पर्याप्त बिजली मिलने लगेगी.
बिलिंग की परेशानी होगी खत्म
राहुल पुरवार ने कहा कि 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक बिलिंग होगी. इसके लिए सार एजेंसी को अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने को कहा गया है. जल्द ही मोबाइल में भी एक एप डाउनलोड किया जा सकेगा जिससे कंज्यूमर घर बैठे बिजली बिल जमा कर सकेंगे.
