डेढ़ साल बाद ईरान की जेल से छूटा धनबाद का कुणाल, मर्चेंट नेवी की पढ़ाई कर दलालों के चगुंल में फंस गया था

II इंद्रजीत पासवान II ईरान के जेल से रिहाई के बाद बेटे ने फोन किया तो मां की आंखो में छलक पड़े आंसू सिजुआ : डेढ़ वर्ष से ईरान की जेल में कैद बेटे की रिहाई के खबर से माता -पिता के पथरायी आंखो में खुशी के आंसू छलक पड़े. रविवार की शाम दीनानाथ गौड़ […]

II इंद्रजीत पासवान II
ईरान के जेल से रिहाई के बाद बेटे ने फोन किया तो मां की आंखो में छलक पड़े आंसू
सिजुआ : डेढ़ वर्ष से ईरान की जेल में कैद बेटे की रिहाई के खबर से माता -पिता के पथरायी आंखो में खुशी के आंसू छलक पड़े. रविवार की शाम दीनानाथ गौड़ की पत्नी तारा देवी के मोबाईल 4 बज कर 19 मिनट पर बज उठी. मोबाईल उठाने पर उधर से बेटे कुणाल की आवाज सुन कर उनकी वाणी मूक हो गयी. आंख से झर झर आंसू बहने लगे.बेटे ने कहा : माई हमनी के रिहाई हो गईल बा. जेल से छूट गईल बानी.अभी कुछो सामान मिलल नईखे.जईसे ही एहीजा से सब कानूनी प्रक्रिया पूरा हो जाई .हमनी सब आपन देश आ जाईब. इसके बाद बेटे ने फोन काट दिया.
बेटे की आवाज और रिहाई की खबर तारा देवी ने तत्काल अपने पति दीनानाथ गौड़ को दी. पल भर मे ही यह खुशखबरी पूरे मुहल्ले मे फैल गयी. उनके घर शुभचिंतको की भीड़ लग गयी. बाद में पिता ने जिस नंबर से कॉल आया था. उसमे कई प्रयास किये, लेकिन बात नहीं हो सकी. हालांकि बेटे के रिहाई की आधिकारिक सूचना परिजनो को नहीं मिली है. इसलिए थोडी संशय की स्थिति भी बनी हुई है. प्रभात खबर ने 10 जनवरी 2018 को कुणाल के ईरान मे गिरफ्तार होने ,बेटे से जुदाई मे माता पिता की परेशानी की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.
क्या है मामला :
•जानकारी के अनुसार टाटा सिजुआ 1 नबंर निवासी टिस्को कर्मी दीनानाथ गौड का पुत्र कुणाल प्रसाद गौड इंटर पास करने के बाद मर्चेंट नेवी की पढ़ाई के लिए कोलकाता में दाखिल लिया.
• वर्ष 2016 में कुणाल ने नेवी मर्चेनट नेवी की परीक्षा पास की.
•विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कोलकाता के एक दलाल अमित सिंह तथा मुन्ना सिंह ने कुणाल से संपर्क किया •और उन्हें विदेश में नियोजन करने पर भारी रकम कमाने का सब्जबाग दिखाया तथा कुणाल से ढाई लाख रुपये की मांग की.
कुणाल विदेश में नौकरी और मोटा पैसे मिलने के झांसे में आ गया.
• पिता से पैसा मिलने के बाद कुणाल ने ढाई लाख रुपये दलाल को दे दिया.
• दलाल ने उसे पहले दुबई फिर ईरान भेजा. इरान में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया
• और उन्हें संगीन अपराध में ईरान की जेल में डाल दिया गया. • किन्तु उनका अपराध क्या है उन्हें आज तक नहीं बताया गया.

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