धनबाद : सुदामडीह थाना क्षेत्र के पाथरडीह से सोमवार की दोपहर डीएवी हाइ स्कूल में नौवीं की छात्रा सिमरन लोहिया (15) का अपहरण कर लिया गया. सिमरन परीक्षा देने स्कूल जा रही थी. इसी बीच बोलेरो सवार तीन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया. अपहर्ता उसे कोलकाता ले जा रहे थे, इसी दौरान रात साढ़े नौ बजे वह हावड़ा स्टेशन के पास अपहर्ताओं के चुंगल से भाग निकली.
वहां से बस पर बेलूर क्षेत्र पहुंच गयी. उसने लोगों को अपने अपहरण की बात बतायी, तो उसे बाली थाना ले जाया गया. पुलिस अधिकारी सिमरन से थाना में घटना के बारे में पूछताछ कर रहे हैं. छात्रा काफी दहशत में है. वह पुलिस के सवालों का ठीक ढंग से जवाब नहीं दे पा रही थी. पश्चिम बंगाल पुलिस ने सिमरन के पिता सुरेश लोहिया को फोन पर उसकी बरामदगी की सूचना दी. पिता व अन्य लोग देर रात कोलकाता के लिए रवाना हुए. सुरेश की मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पाथरडीह के लोको बाजार में है.
बचने के लिए चीखती-चिल्लाती रही
सवारडीह बस्ती निवासी सुरेश लोहिया की बेटी सिमरन डीएवी हाइ स्कूल, पाथरडीह में पढ़ती है. अभी उसकी परीक्षाएं चल रही हैं. दोपहर एक बजे सिमरन घर से स्कूल के लिए निकली थी. परीक्षा समाप्त होने के बाद उसे पांच बजे घर लौटना था. देर शाम तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की. बाद में सुदामडीह थाना को सूचना दी गयी. सुरेश ने फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया ग्रुप में अपनी बेटी के लापता होने की जानकारी दी. रात में सुरेश के मोबाइल पर प. बंगाल पुलिस का फोन आया कि उनकी बेटी पुलिस के पास सुरक्षित है व बाली थाना में है.
पूरे परिवार ने राहत की सांस ली. बाली थाना की पुलिस ने बताया कि घर से स्कूल जाते समय सिमरन को पाथरडीह में बोलेरो सवार तीन लोगों ने अगवा कर लिया था. चालक समेत तीन लोग थे. बोलेरो में पुराना फिल्मी गीत बज रहा था. सिमरन अपहर्ताओं से बचने के लिए चिल्लाती रही, लेकिन उसकी आवाज वाहन से बाहर नहीं पहुंची. अपहर्ता छात्रा को लेकर हावड़ा स्टेशन के बाहर पहुंचे. इसी दौरान वह इनके चंगुल से निकल भागी. वहां से बस में चढ़ बेलूर पोस्ट ऑफिस के पास उतर गयी.
स्कूल ड्रेस में थी छात्रा सिमरन लोहिया
सिमरन स्कूल ड्रेस में थी. लोगों ने पूछताछ के बाद उसे बाली थाना को सौंप दिया. इसके बाद बच्ची से उसके घर वालों का फोन नंबर लिया, फिर फोन कर परिजनों को बताया िक उसकी बच्ची सुरक्षित बाली थाना में रखी हुई है, यहां आ जायें. बाली पुलिस जांच में जुटी है कि सिमरन का अपहरण करने वाले आखिर कौन थे. कहीं कोई परिचित झांसा देकर तो अपनी गाड़ी में बैठा अगवा नहीं कर लिया था. सिमरन के पिता सुरेश लोहिया ने प्रभात खबर को फोन पर बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है. बच्ची को कौन अगवा किया, यह नहीं पता.
