धनबाद : धनबाद रेल मंडल का पहला एलएचबी कोच धनबाद-फिरोजपुर (लुधियाना एक्सप्रेस) में लगने जा रहा है. लुधियाना एक्सप्रेस 25 अप्रैल से एलएचबी कोच के साथ दौड़ेगी. इसकी मंजूरी कोच फॉर्मेशन से मिल चुकी है. इसके बाद इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा आरामदेह आैर सुरक्षित हो जायेगी. ये बातें डीआरएम मनोज कृष्ण अखौरी ने कही. उन्होंने बताया कि लुधियाना एक्सप्रेस के बाद धनबाद से चलने वाली गंगा दामोदर एक्सप्रेस में भी एलएचबी कोच जोड़ा जायेगा.
अभी चार कोच में तीन ही लगेगी : धनबाद-फिरोजपुर के बीच लुधियाना एक्सप्रेस अभी चार कोच के साथ दौड़ती है. जबकि अभी लुधियाना में तीन कोच ही जोड़ा जायेगा. एक पुराना कोच भी जोड़ा जायेगा. जिसे बाद में हटा कर उसकी जगह एक आैर एलएचबी कोच जोड़ दिया जायेगा. इस ट्रेन में एसी, स्लीपर के साथ साधारण कोच भी एलएचबी रहेंगे और यह ट्रेन पूरी तरह राजधानी एक्सप्रेस की तरह दिखेगी. एलएचबी कोच की सीट पुराने कोच से बड़ी होगी आैर यात्रियों को सफर में झटके भी नहीं लगेंगे.
धनबाद में होगा मेंटेनेंस : डीआरएम श्री अखौरी ने बताया कि लुधियाना एक्सप्रेस के नये कोच का मेंटेनेंस भी धनबाद यार्ड में किया जायेगा. रैक आने के पहले ही यहां के कर्मचारियों को बकायदा पूरी ट्रेनिंग दे दी गयी है. यदि आगे किसी तरह की परेशानी आयी तो दूसरे डिवीजन व जोन से प्रशिक्षित कर्मचारी आकर एलएचबी कोच की मेंटेनेंस करेंगे.
मैक्नाइज्ड लांड्री धनबाद में : डीआरएम श्री अखौरी ने बताया कि मुख्यालय से धनबाद में मैकेनाइज्ड लांड्री की अनुमति मिल गयी है. उसके लिए जगह निर्धारित किया जा रहा है. इसके बाद मैकेनाइज्ड लांड्री की मशीन धनबाद में लगेगी. इससे धनबाद से चलने वाली सभी ट्रेनों में प्रयोग होने वाले तकिया, चादर व कंबल की धुलाई यहीं होगी.
30 से चार मई तक परिवर्तित रूट से चलेगी अल्लेपी एक्सप्रेस : दक्षिणी रेलवे के अरक्कोणम यार्ड में नन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है. इस कारण धनबाद से चलने वाली 13351 धनबाद अल्लेपी एक्सप्रेस का रूट रेलवे द्वारा परिवर्तित कर दिया गया है. अल्लेपी एक्सप्रेस अपने वर्तमान रूट गुडूर-चेन्नई सेंट्रल- अरक्कोणम -जोलारपेट की बजाय 30 अप्रैल से लेकर चार मई तक गुडूर – रेणिगुंटा- मेल्पाक्कम- जोलारपेट होते हुए चलायी जायेगी. रूट बदलने के कारण यह ट्रेन नायाडूपेट्टा – सुलुरुपेटा- चेन्नई सेंट्रल- तिरुवल्लूर व अरक्कोणम में रुकेगी.
भोजपुरी अश्लील गानों पर लगे प्रतिबंध : रामाशंकर
धनसार. भोजपुरी अश्लील गाने पर प्रतिबंध लगना चाहिए ताकि हमारी संस्कृति बरकरार रहे. उक्त बातें चर्चित गायक रामाशंकर सिंह ने धनबाद के व्यवसायी राम मोहन सिंह की आवास में कही. कहा कि संस्कृति को बचाये रखने के लिए प्रत्येक गायक का फर्ज बनता है कि अश्लील गीत गाने से परहेज करें. रामाशंकर सिंह मूलतःआरा जिले के बिंदगाव के निवासी हैं. मंगलवार को चांदमारी में दो गोला चैता में धूम मचाने पहुंचे थे.
रामाशंकर सिंह ने 2016 में रिलीज भोजपुरी फिल्म जय मेहरारू, जय ससुरारी फिल्म में थर्ड हीरो का किरदार निभाया है. उन्होंने उदित नारायण और इंदु सोनाली के अखियां हिल में नेह जगाए गीत में बखूबी अभिनय किया. हाल में ही एक नयी फिल्म मे काम करने जा रहे हैं. अपने चाचा शैलेंद्र कुमार सिंह से गायक बनने का प्रेरणा मिली है. बताया कि बचपन से ही मुझे गाने का शौक था. मेरी सफलता में चाचा का काफी योगदान रहा है. अब-तक दिल्ली कोलकाता, मुंबई, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई कोने में दो गोला चैता में अपना परचम लहराया है. भोजपुरी फिल्म में भी अपना कदम जमा चुके हैं.
कंठे सुरवा होखे ना सहईया हो रामा
धनसार. कंठे सुरवा होखे ना सहईया हो रामा …जब से सिपाही से बनले हवलदार हो नथुनिया पे गोली मारे.. जैसे गीतों पर रात भर श्रोता झूमते रहे. मौका था चांदमारी में मंगलवार को आयोजित दो गोला चैता का. कार्यक्रम की शुरुआत दोनों गायक रामाशंकर सिंह (आरा)और गोपाल यादव(बक्सर) ने गणेश वंदना से शुरू की. इसके बाद शुरू हुआ दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बीच गीतों का महासंग्राम. दोनों गायकों ने एक दूसरे से चढ़ बढ़ कर प्रस्तुति की. छह नृत्यांगनाओं ने श्रोताओं के बीच नृत्य कर सब को झूमने पर मजबूर कर दिया. कार्यक्रम की शुरुआत सांसद पीएन सिंह ने की. वहीं विधायक राज सिन्हा व व्यवसायी राममोहन सिंह कार्यक्रम में मौजूद थे.
