खरीदार, विक्रेता, गवाह व डीड राइटर पर केस

धनबाद : बाघमारा अंचल के तेतुलमारी थाना अंतगर्त गंडुबा मौजा की 28 डिसमिल गैर आबाद जमीन को फर्जी तरीके से बेच दी गयी है. गंडुबा निवासी संजय कुमार सिंह ने हेराफेरी कर यह गड़बड़ी की है. संजय सिंह ने चार महिला समेत छह लोगों को जमीन बेची है. अवर निबंधक संतोष कुमार की शिकायत पर […]

धनबाद : बाघमारा अंचल के तेतुलमारी थाना अंतगर्त गंडुबा मौजा की 28 डिसमिल गैर आबाद जमीन को फर्जी तरीके से बेच दी गयी है. गंडुबा निवासी संजय कुमार सिंह ने हेराफेरी कर यह गड़बड़ी की है. संजय सिंह ने चार महिला समेत छह लोगों को जमीन बेची है. अवर निबंधक संतोष कुमार की शिकायत पर धनबाद थाना में मामले में बुधवार को 10 के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गयी है.

एफआइआर में गंडुबा के बिक्रेता निवासी संजय कुमार सिंह, डीड में गवाह बनने वाले दिगंबर प्रसाद, सूर्यदेव सिंह, डीड राइटर अधिवक्ता आरबी सिंह, जमीन के खरीदार राजेश मल्लिक व अजय मल्लिक (पिता- मधु मल्लिक, खेपचाटांड़, कतरास), मनीषा शर्मा (पति संतोष कुमार गोस्वामी, लकड़का, कतरास), रीना देवी (पति भवानी प्रसाद सिंह, झींझीपहाड़ी, कतरास), राधा देवी (पति संजय साव, श्याम बाजार सिजुआ), माला देवी (पति स्वर्गीय सत्यनारायण साव, श्याम बाजार सिजुआ) को नामजद किया गया है.

क्या है मामला :
गंडुबा दुर्गा मंदिर के समीप निवासी संजय कुमार सिंह ने मौजा नंबर 231, खाता नंबर 131, नया खाता नंबर 132 प्लांट नंबर 523 नया प्लॉट नंबर 824 की 28. 50 डिसमिस जमीन फरवरी माह में छह लोगों को बेची है. सभी छह डीड के राइटर अधिवक्ता आरबी सिंह व गवाह में दिगंबर प्रसाद व सूर्यदेव सिंह हैं. डीड में लिखा गया है कि जमीन सरकार द्वारा प्रतिबंधित नहीं है, सरकारी गैर मजरूआ, सरकार द्वारा बंदोबस्त अहस्तांतरणनीय भूदान से प्राप्त वन भूमि आदिवासी खाता के अंतगर्त अथवा अधिग्रहित भूमि के श्रेणी में नहीं आती है.
कैसे हुआ खुलासा
गंडुबा निवासी प्रकाश सिंह ने जिला अवर निबंधक व डीसी को आवेदन देकर शिकायत की कि गंडुबा मौजा 231 की जमीन की पांच डीड को संजय कुमार सिंह द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर संपादित कराया गया है. मौजा का प्लॉट नंबर 523 साबिक खाता नंबर 111 में दर्ज है, जो सर्वे खतियान में गैर आबाद दर्ज है. सीओ बाघमारा की जांच करायी गयी तो पता चला कि गंडुबा मौजा के थाना नंबर-23, खाता नंबर 111 गैरआबाद खाता की जमीन है.
प्लाट नंबर 523 की जमीन गैरआबाद खाता की भूमि है, जिसका निबंधन नहीं होना चाहिए. अवर निबंधक ने पुलिस को दिये गये आवेदन में लिखा है कि जांच से स्पष्ट है कि निबंधित दस्तावेज के बिक्रेता, क्रेता, गवाह व डीड राइटर द्वारा षडयंत्र कर गुमराह कर दस्तावेज का निबंधन कराया गया है.

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