सीआइडी ने बनाया था रामधीर को अभियुक्त
पूर्व पीएम चंद्रशेखर के नाती भी बने थे आरोपी
घटना को लेकर दो-दो प्राथमिकी हुई थी दर्ज
धनबाद : कोयला कारोबारी संजय सिंह हत्याकांड से ही सिंह मैंशन में विवाद की नींव पड़ी थी. इस कांड के बाद मैंशन के सदस्यों में आपसी विवाद बढ़ा जो 22 वर्ष बाद भी खत्म नहीं हो पाया. संजय सिंह की शादी झरिया के पूर्व विधायक सूर्यदेव सिंह ने ही अपने भाई राजन सिंह की साली पुष्पा सिंह के साथ करवायी थी. पुष्पा सिंह एवं राजन सिंह की पत्नी सरोजिनी सिंह सहोदर बहन हैं. 27 मई 1996 को एसपी आवास के सामने संजय सिंह की हत्या शार्प शूटर ने की.
इस मामले में दिवंगत संजय सिंह के बहनोई कृष्णा सिंह ने पहले प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें संजय सिंह के बिजनेस पार्टनर रहे कोल कारोबारी सुरेश सिंह एवं पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती रवि शंकर सिंह को आरोपी बनाया गया. घटना के समय कार में सुरेश एवं रवि शंकर मौजूद थे. पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल किया था.
सीआइडी जांच में पलट गया मामला
बाद में सरकार ने इस मामले की जांच सीआइडी को सौंप दी. सीआइडी जांच में सुरेश सिंह एवं रवि शंकर सिंह को क्लीन चिट दे दी गयी. सीआइडी ने अदालत में एक और चार्जशीट दाखिल कर इस मामले में राजन सिंह के भाई रामधीर सिंह, भतीजा राजीव रंजन सिंह, पवन सिंह, काशीनाथ सिंह तथा अशोक सिंह उर्फ कमलेश सिंह को आरोपी बनाया. इन सब पर ही हत्या को अंजाम देने व षड़यंत्र में शामिल होने का आरोप लगा. रामधीर सिंह एवं राजीव रंजन सिंह की गिरफ्तारी भी हुई.
टूट गया मैंशन का कुनबा
इसके बाद से ही सिंह मैंशन का कुनबा बिखर गया. दिवंगत सूर्यदेव सिंह एवं रामधीर सिंह का परिवार एक साथ हो गया. जबकि राजन सिंह एवं बच्चा सिंह अलग हो गये. भाई-भतीजे के बीच तनाव बढ़ने लगा. बाद में बच्चा सिंह एवं राजन सिंह के परिवार के सदस्य मैंशन से अलग रहने लगे. राजीव रंजन सिंह पर एक बार संजय सिंह की पत्नी पुष्पा सिंह ने घर में घुस कर धमकी देने का मुकदमा किया था. इस मामले में रामधीर सिंह की रिहाई से सीआइडी जांच पर भी सवाल उठने लगा है.
गैंग्स के साथ होती रही है जोर आजमाइश
धनबाद. उपेंद्र सिंह की वासेपुर के गैंग्स के साथ पुरानी रंजिश है. हाल के दिनों में गैंग्स ने उपेंद्र सिंह पर उसके घर के बाहर जानलेवा हमला किया था. गोलियां चलायी गयी, लेकिन उपेंद्र बच गया. उपेंद्र सिंह फहीम खान के बेटे इकबाल खान, भांजा गोपी खान, गोडवीन खान व अन्य पर आरोप लगाता रहा है. जानकारी के अनुसार उपेंद्र कई प्राइवेट बैंक के रिकवरी एजेंट के रूप में काम कर रहा था. जबकि जमीन के धंधे में भी हाथ अाजमा रहा था. इसे लेकर गैंग्स से कई बार टकराव भी हुए, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया. कुछ माह पहले उपेंद्र ने इकबाल की पत्नी का उसके पति के साथ विवाद में सहयोग किया था.
पिंटू का नाम भी आया सामने
शक की सूई पिंटू नामक युवक की ओर भी है. लोगों ने बताया कि पिंटू उपेंद्र का रिश्तेदार है. पहले दोनों मिल कर रिकवरी का काम करते थे. पैसे को लेकर कुछ दिन पहले ही विवाद भी हुआ था. इस बिंदु को लेकर भी पुलिस कार्यवाही कर रही है. यह वहीं पिंटू है जिसे पकड़ने के लिए पुलिस ने न्यू मटकुरिया में फायरिंग की थी और वहां से वह फरार हो गया था.
