धनबाद : जनवादी लेखक संघ का नौवां राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन धनबाद के टाउन हॉल में होगा. 27-28 जनवरी, दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन प्रसिद्ध वेबसाइट द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन करेंगे. सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राव साहब कस्बे मौजूद रहेंगे. इस सम्मेलन में देश भर से 300 लेखक जुटेंगे. इनमें चंचल चौहान, नमिता सिंह, डॉ मृणाल और अली इमाम खान शामिल हैं. झारखंड में जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन का यह दूसरा आयोजन है. 2007 में धनबाद में ही जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था.
धनबाद में जुटेंगे 300 लेखक, जनवादी लेखक संघ का नौवां राष्ट्रीय सम्मेलन 27 जनवरी से
धनबाद : जनवादी लेखक संघ का नौवां राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन धनबाद के टाउन हॉल में होगा. 27-28 जनवरी, दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन प्रसिद्ध वेबसाइट द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन करेंगे. सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राव साहब कस्बे मौजूद रहेंगे. इस सम्मेलन में देश भर से […]

सम्मेलन के दौरान खुला सत्र का आयोजन होगा और इसमें ‘संस्कृति का रणक्षेत्र : चुनौतियां और संघर्ष’ विषय पर परिचर्चा होगी. सम्मेलन के दौरान वक्ता के रूप में सुभाषिणी अली, सुहैल हाशमी, मनाजिर, आशिक हरगानवी, महादेव टोप्पो, प्रो सुभद्रा चानना, सुधन्वा देशपांडे और रणेन्द्र होंगे. रचना गोष्ठी में कविता एवं कहानी पाठ भी होगा. वहीं 28 जनवरी को जनवादी लेखक संघ के केंद्रीय परिषद, केंद्रीय कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी मंडल का चुनाव किया जायेगा. सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए इप्टा रायपुर के संस्कृतिकर्मी भी आयेंगे.
क्या है जनवादी लेखक संघ
जनवादी लेखक संघ (जलेस) भारत के हिंदी और उर्दू लेखकों का एक बडा संगठन है और इसकी प्रांतीय एवं जिला स्तर तक की इकाईयां सक्रिय हैं. देश के कई जाने-माने लेखक इस संस्था से जुड़े हैं. संगठन का मुख्य उद्देश्य जनवादी लेखन के प्रति सक्रिय लेखकों का मंच तैयार करना है. इसके अतिरिक्त यह नये लेखकों को भी प्रोत्साहित करता है.वैसा लेखक, जो लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे हमले की हिफाजत करता हो और जनवादी सवालों को लेकर प्रतिबद्ध हो, वह इस संघ का सदस्य हो सकता है. संगठन लेखकों के स्वायत्तता का भी सम्मान करता है.