झरिया (धनबाद) : कम उम्र में जीवन का बड़ा निर्णय लेने व तमाम सांसारिक सुखों का त्याग कर अध्यात्म से नाता जोड़ साध्वी बनने के मार्ग पर अग्रसर झरिया की परी मेहता इन दिनों चर्चा में हैं.
परी चार फरवरी को नम्र मुनी से दीक्षा ग्रहण कर जैन साध्वी बन जायेंगी. वह रविवार को कोलकाता के रास्ते मुंबई के लिए रवाना हुईं. मुंबई से सीए कर रही इस होनकार छात्रा का बीच में ही पढ़ाई छोड़ कर साध्वी बनने के फैसले पर एकबारगी परिजन भी चौंक उठे थे, लेकिन बाद में उन्हें बेटी के निर्णय पर गर्व महसूस होने लगा. जब एक साल बाद परी मेहता झरिया पहुंची, तो समाज के लोगों ने उसे गर्मजोशी से स्वागत व सम्मानित किया. परी अपनी माता बीना मेहता व पिता मिलन मेहता से आशीर्वाद लेकर अगले सफर पर रवाना हुई हैं. मिलन मेहता कहते हैं, ‘वर्ष 2013 में जैन धर्म के नम्र मुनि झरिया आये थे.
उनसे परी ने धर्म ज्ञान प्राप्त करने की शुरुआत की थी. उसी वर्ष नम्र मुनि ने अरहम ग्रुप की स्थापना की थी. अरहम ग्रुप जैन धर्म का प्रचार-प्रसार, साहित्य व नाटक के जरिये लोगों को जागरूक करता है. झरिया में ग्रुप को संचालित करने के लिए सदस्य गुजराती समाज के घर जाकर पुराने अखबार इकट्ठा करते थे. इसे बेच कर ग्रुप का सफल संचालन किया जाता था. उसकी बागडोर को परी मेहता ने झरिया में संभाल रखी थी.’
