चितरा. एसपी माइंस चितरा कोलियरी के तुलसीडाबर पैच में गुरुवार को हुई ब्लास्टिंग के दौरान गांव के घरों तक पत्थर गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली. आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्वास की मांग को लेकर कोलियरी का कार्य बाधित कर दिया, जिससे कई घंटों तक उत्पादन सहित अन्य गतिविधियां प्रभावित रहीं. घटना की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को कोलियरी प्रबंधन की टीम गांव पहुंची. कोलियरी अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. बैठक में ग्राम प्रधान प्रदीप टुडू, मुखिया प्रतिनिधि सुजीत रजक सहित कल्याणी देवी, नूनलाल मुर्मू, भीम मरांडी, यूसुफ अंसारी और राजधन सोरेन उपस्थित रहे. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे गांव में लगातार भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. लोगों ने कहा कि घरों पर पत्थर गिरने जैसी घटनाओं से जान-माल का खतरा बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों ने सुरक्षित ब्लास्टिंग व्यवस्था लागू करने और शीघ्र पुनर्वास की मांग उठायी. इस पर खनन अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी ने आश्वासन दिया कि आगे ब्लास्टिंग पूरी सुरक्षा सावधानियों के साथ कराई जाएगी तथा 15 दिनों के भीतर पुनर्वास स्थल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. वहीं, प्रबंधन की ओर से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद बंद पड़ा उत्पादन और अन्य कार्य फिर से शुरू कर दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कोलियरी कर्मी मौजूद थे. हाइलार्ट्स : ब्लास्टिंग से दहला गांव: घरों तक गिरे पत्थर, ग्रामीणों के विरोध से घंटों ठप रहा चितरा कोलियरी का काम
ब्लास्टिंग के विरोध में घंटों बाधित रहा कोयला खनन, आश्वासन के बाद सामान्य हुआ कामकाज
एसपी माइंस चितरा कोलियरी के तुलसीडाबर पैच में गुरुवार को हुई ब्लास्टिंग से लोगों में रोष
