ग्राम प्रधानों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर मंत्री को सौंपा ज्ञापन

मूल रैयत प्रधानों की लंबित समस्याओं व मांग सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया

मधुपुर. प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन के पथलचपटी स्थित आवासीय परिसर में सोमवार को ग्राम प्रधान सह मूल रैयत प्रधान संघ जिला इकाई के तत्वावधान में अपने पांच सूत्री मांगों को लेकर जिलाध्यक्ष श्यामा कांत झा के नेतृत्व में मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा. बताया गया कि ग्राम प्रधान एवं मूल रैयत प्रधानों की लंबित समस्याओं व मांग सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया. संथाल परगना प्रमंडल के सभी जिलों में ग्राम प्रधानों और मूल रैयतों को संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम के तहत समान अधिकार दिया जाये. साथ ही पेसा एक्ट को देवघर जिला व गोड्डा के आंशिक क्षेत्रों में भी प्रभावी रूप से लागू करें. ग्राम प्रधान एवं मूल रैयत प्रधानों के सम्मान राशि में एकरूपता लाते हुए प्रति माह दस हजार रुपये तक बढ़ोतरी किया जाये. वहीं तीसरी मांग में जिले के सभी प्रधानों एवं मूल रैयतों की मौजा मापी कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाये. चौथी मांग संथाल परगना प्रमंडल के देवघर जिले में अंश प्रधानों को सम्मान राशि का भुगतान बांट कर किया जाता है, जो त्रुटिपूर्ण है उसमें सुधार कर पूर्ण राशि का भुगतान किया जाये. पांचवीं मांग में पिछले आठ माह से लंबित सम्मान राशि की भुगतान किये जाने मांग शामिल है. मौके पर कृष्ण कुमार सिन्हा, ग्यास खान, रजबुल अंसारी, अब्दुल गफुर मियां, मुस्ताक अहमद, कमाल खान, अर्जुन प्रसाद यादव, सुखदेव राउत, नकुल पांडेय, शहाबुद्दीन अंसारी, मो अमजद हुसैन, ललित नारायण वर्मा, कृष्ण कुमार गुप्ता, आनंद पाठक आदि मौजूद थे.

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Author: BALRAM

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