सुप्रीम कोर्ट ने दिया निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी को जवाब दायर करने का निर्देश, जानें पूरा मामला

झारखंड सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि हाइकोर्ट ने FIR रद्द करने में कानून का पालन नहीं किया. हाइकोर्ट ने कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा नहीं लगायी जा सकती

देवघर हवाई अड्डा मामले में भाजपा सांसदों के खिलाफ दर्ज एफआइआर रद्द करने के हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती देनेवाली झारखंड सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी और अन्य लोगों को नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया है.

झारखंड सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि हाइकोर्ट ने एफआइआर रद्द करने में कानून का पालन नहीं किया. हाइकोर्ट ने कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा नहीं लगायी जा सकती है, क्योंकि एयरपोर्ट के लिए एयरक्राफ्ट एक्ट-1934 मौजूद है. पर भारतीय दंड संहिता के तहत कहीं भी अपराध होने पर मुकदमा दर्ज करने का अधिकार है और ऐसे में एयरक्राफ्ट एक्ट-1934 का कोई मतलब नहीं रह जाता है. जब मामला लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा हो, तो भारतीय दंड संहिता प्रभावी होती है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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