Shravani Mela 2026, देवघर : आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. तैयारियों को लेकर गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में बाबा बैद्यनाथधाम आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगम जलार्पण को लेकर विभागवार कार्य योजनाओं और टेंडर प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की गई.
श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त
समीक्षा के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला के दौरान देवघर पहुंचने वाले कांवरियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, इसे सभी विभाग अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुम्मा से लेकर बाबा मंदिर तक पूरे कांवरिया पथ पर महीन बालू बिछाने, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं, चौबीसों घंटे साफ-सफाई, ठहरने के लिए आवासन (धर्मशालाएं), शुद्ध पेयजल, अस्थाई शौचालय, स्नानगृह और आकर्षक पंडाल निर्माण के कार्यों को समय से पहले दुरुस्त किया जाए.
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कांवरिया पथ से शिफ्ट होंगे बिजली के पोल
मेला क्षेत्र में किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए उपायुक्त ने विद्युत और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने बिजली विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ के बीच आने वाले सभी खतरनाक बिजली के खंभों (पोल) को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए. साथ ही बाबा मंदिर प्रांगण और उसके आसपास के रास्तों में बिजली के खुले तारों को पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित (अंडरग्राउंड/कवर) किया जाए.
यातायात और डीएमएफटी टीम के साथ समन्वय पर जोर
देवघर उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करना होगा. उन्होंने साफ-सफाई, सुगम यातायात प्रबंधन, बड़े वाहनों के लिए पार्किंग स्थलों का चयन और पूरे रूट पर सीसीटीवी (CCTV) निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया. साथ ही, बजट और आवंटन राशि की कमी को समय रहते दूर करने के लिए सभी विभागों से विस्तृत एक्शन प्लान मांगा गया है. इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, बाबा मंदिर प्रभारी-सह-एसडीओ रवि कुमार, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता और डीएमएफटी (DMFT) की टीम मुख्य रूप से मौजूद थी.
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