देवघर : श्रीवैद्यनाथ संस्कृत पुस्तकालय के सभागार में संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पुस्तकालय अध्यक्ष संजय झा ने की. वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन, साहित्य, विज्ञान और ज्ञान-परंपरा की समृद्ध वाहक है.
पूजा-पाठ तक सीमित न रखने की जरूरत
मुकुट नारायण पुरोहितवार ने कहा कि संस्कृत को केवल पूजा-पाठ और शैक्षणिक विषय तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन तथा आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने की जरूरत है. लक्ष्मी देवी शर्राफ आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. राहुल पोखरियाल ने संस्कृत की वर्तमान प्रासंगिकता पर कविता प्रस्तुत की.
महर्षि पाणिनि से कालिदास के योगदान को किया याद
हिमांशु झा, पंकज कुमार झा सहित अन्य वक्ताओं ने संस्कृत की विशालता में महर्षि पाणिनि, वाल्मीकि, वेदव्यास और कालिदास के योगदान को स्मरण किया.
गीता श्लोक पाठ और नाटक का हुआ मंचन
कार्यक्रम में आयुष, रोहित और साक्षी ने गीता श्लोक का पाठ किया. रिया कुमारी ने संस्कृत नृत्य प्रस्तुत किया. वहीं, पंकज कुमार झा रचित ‘संस्कृतमहत्वम्’ नाटक का मंचन डॉ. पूजा कुमारी के निर्देशन में किया गया. मौके पर सुबोध झा, संजय मिश्र, सौरभ खवाड़े, मधुकर मिश्र समेत अन्य मौजूद थे.
