प्रतिनिधि, चितरा . एसपी माइंस चितरा कोलियरी के तुलसीडाबर पैच में गुरुवार को हुई जोरदार ब्लास्टिंग के बाद कई घरों तक पत्थर गिरने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है. घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:30 की बतायी जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार कोयला उत्खनन के लिए की जाने वाली ब्लास्टिंग के दौरान खदान के पत्थर गांव और कई घरों के दरवाजे और आंगन तक जा गिरे. हालांकि घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया. इधर, घटना के विरोध में ग्रामीणों ने तुलसीडाबर पैच में संचालित दो आउटसोर्सिंग कंपनियों का कामकाज पूरी तरह से बंद करा दिया. सूचना मिलने पर कोलियरी प्रबंधन की ओर से सेफ्टी अधिकारी हरखनाथ, माइनिंग मैनेजर उपेंद्र प्रसाद, सिक्योरिटी इंचार्ज मोहम्मद इम्तियाज और इंस्पेक्टर रंजीत राणा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और अधिकारियों के सामने नाराजगी जतायी. वही दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कोलियरी महाप्रबंधक और संबंधित अभिकर्ता मौके पर पहुंचकर बकाया मुआवजा, सुरक्षा-व्यवस्था और ब्लास्टिंग पर नियंत्रण को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देंगे. तब तक खदान में काम शुरू नहीं होने दिया जायेगा.
इस मौके पर ग्रामीण कल्याणी देवी, वीणा देवी, खुशबू देवी, चांदना देवी, आशा देवी, पूनम देवी, सीमांत कुमार महतो, नीलम महतो और यूसुफ अंसारी सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है. विरोध करने पर धमकी देने की बात भी ग्रामीणों ने कही. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे गांव के लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं.ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है. वहीं समाचार लिखे जाने तक कोलियरी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. ग्रामीणों के विरोध के कारण देर शाम तक खदान क्षेत्र में कामकाज ठप रहा.हाइलाइटर
॰चितरा कोलियरी के तुलसीडाबर पैच की घटना, लोगों ने की सुरक्षा मानकों का पालन करने की मांग ॰ग्रामीणों में दहशत, घरों के आंगन में गिरे पत्थर, बाल-बाल बचे ग्रामीण॰चितरा कोलियरी के सेफ्टी अधिकारी, माइनिंग मैनेजर व सिक्योरिटी इंचार्ज लोगों के बीच पहुंचे
