सारवां. झारखंड सरकार की गुड सेमेरिटन नीति 2020 के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद को लेकर ब्लॉक में शनिवार को सीओ राजेश कुमार साहा की देखरेख में अंचल, प्रखंड एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी. इस दौरान एमवीआइ अमित कुमार झा ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा गोल्डन आवर कहलाता है, जो बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान घायल व्यक्ति को तुरंत और सही चिकित्सा सहायता मिलने पर उसके बचने की संभावना सबसे अधिक होती है और गंभीर चोटों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि घायलों की मदद करते समय कानूनी प्रक्रिया की चिंता किये बिना एंबुलेंस बुलाना या अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी है. एक घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिक को 2000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जायेगी. यदि दो लोग मिलकर सहायता करते हैं तो दोनों को समान राशि मिलेगी, जबकि दो से अधिक लोगों के सहयोग पर 5000 रुपये की राशि आपस में बांटी जायेगी. बैठक में यह भी बताया गया कि जांच के लिए बुलाये जाने पर मददगार को प्रतिदिन 1000 रुपये दिये जायेंगे. मोटर वाहन अधिनियम 2019 की धारा 134 के तहत मदद करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें अनावश्यक परेशान नहीं किया जायेगा. मौके पर जिले के आरएसएम शिवकुमार, कल्याण पदाधिकारी प्रमोद कुमार, दीपक झा, सत्येंद्र हजरा, प्रसिद्ध सिंह, निरंजन कुमार राय आदि मौजूद थे.
गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचने वाले गुड सेमेरिटन होंगे पुरस्कृत : एमवीआइ
सारवां प्रखंड सभागार में एमवीआइ ने की मंत्रणा
